एफएनएन , जम्मू : Jammu-Kashmir में मतदाता सूची में नए नाम शामिल कराने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ऐप पर 1 अक्टूबर 2006 के बाद जन्मे युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके कारण 2007 और 2008 में जन्मे कई ऐसे युवाओं के आवेदन लंबित होने की बात सामने आई है, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और मतदाता बनने के लिए पात्र हैं।
ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयोग के ऐप में पंजीकरण का विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण BLO ऐसे युवाओं के दस्तावेज तो एकत्र कर रहे हैं, लेकिन उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। युवाओं से फॉर्म-6, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा करने को कहा जा रहा है। इस स्थिति ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दो साल से ऑनलाइन पंजीकरण में आ रही परेशानी
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ BLO ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि अक्टूबर 2024 के बाद से ऑनलाइन माध्यम से उन्हीं नए मतदाताओं का पंजीकरण हो पा रहा है, जिनकी जन्मतिथि 1 अक्टूबर 2006 या उससे पहले की है। इसके बाद जन्मे युवाओं के आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
एक BLO ने बताया कि इस समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। संबंधित क्षेत्रों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं की सूची तैयार की गई है और उनके जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए गए हैं। हालांकि, ऐप में पंजीकरण का विकल्प नहीं मिलने के कारण उनकी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज नहीं हो पा रही है।
BLO के मुताबिक, ऐप में जरूरी सुविधा उपलब्ध होने के बाद ही इन युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विशेष अभियान के बावजूद आवेदन अटकने की शिकायत
जम्मू जिले में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 10 और 11 अक्टूबर को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी ने 8 अक्टूबर को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया था। अभियान का उद्देश्य नए मतदाताओं सहित अन्य पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना था।
हालांकि, BLO का कहना है कि विशेष अभियान के दौरान भी ऐप की समस्या के कारण 1 अक्टूबर 2006 के बाद जन्मे युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे आवेदकों से फॉर्म-6 और संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा जा रहा है, ताकि पंजीकरण की अनुमति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
इससे सवाल उठ रहा है कि जब नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, तो तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा दूर किए बिना पात्र युवाओं के आवेदन कैसे पूरे होंगे।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं का मामला
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 और संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार, मतदाता बनने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। इसके साथ नागरिक को कानून के तहत तय अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए नए आवेदकों को फॉर्म-6 भरना होता है। पहले इस प्रक्रिया में दस्तावेजों और कागजी रिकॉर्ड की अहम भूमिका थी, जबकि अब BLO ऐप के माध्यम से जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है।
मौजूदा मामले में शिकायत यह है कि पात्रता की तारीख से संबंधित व्यवस्था के कारण कुछ युवाओं का आवेदन ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहा है। हालांकि, केवल 18 वर्ष की उम्र पूरी होना अपने आप में मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की पुष्टि नहीं है; इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और अन्य शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
पूर्व विधायक ऐजाज अहमद खान ने उठाया मुद्दा
गूल के पूर्व विधायक ऐजाज अहमद खान ने इस स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ईटीवी भारत से बातचीत में दावा किया कि 2007 और 2008 में जन्मे युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने में परेशानी आ रही है।
ऐजाज अहमद खान ने संबंधित सर्कुलर पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि युवा निर्धारित आयु और अन्य पात्रता शर्तें पूरी कर चुके हैं, तो उनके पंजीकरण में बाधा का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि प्रशासनिक निर्देशों के कारण पात्र युवाओं के मतदाता बनने की प्रक्रिया प्रभावित क्यों हो रही है।
रिपोर्ट में उद्धृत सर्कुलर के मुताबिक, अगले निर्देश तक BLO को 1 अक्टूबर 2006 या उससे पहले जन्मे छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने को कहा गया है। साथ ही, नाम हटाने, पता बदलने और विवरण में सुधार से जुड़े आवेदनों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग की घोषणा से जुड़ी है पात्रता की तारीख
जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के प्रभारी अधिकारी गुरपिंदर सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के संक्षिप्त या विशेष पुनरीक्षण की घोषणा नहीं किए जाने के कारण पात्रता की तारीख अपडेट नहीं हुई है।
उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव से पहले वर्ष 2024 में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया था। उसके बाद से नई समीक्षा की घोषणा नहीं हुई है।
गुरपिंदर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, लेकिन नए मतदाताओं के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था पात्रता की तारीख अपडेट होने और पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी है। नया पुनरीक्षण घोषित होने पर नए मतदाताओं के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का रास्ता भी खुल सकेगा।
युवाओं को अब फैसले का इंतजार
जम्मू-कश्मीर में नए मतदाताओं के ऑनलाइन पंजीकरण को लेकर उठे इस मुद्दे पर अब निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर नजर है। BLO ऐप में आ रही बाधा, पात्रता की तारीख और आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता जरूरी है, ताकि पात्र युवाओं के नाम जोड़ने के मामलों का निपटारा किया जा सके।
फिलहाल, BLO के अनुसार प्रभावित युवाओं के दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं, जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा को अहम बताया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए क्या निर्देश जारी करते हैं।








