एफएनएन, नई दिल्ली : Delhi CJP Pprotest चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी। इसके बाद नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे लोगों को अलग-अलग स्थानों पर रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। कई प्रदर्शनकारियों के साथ पत्रकारों और यूट्यूबर्स को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।
जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके प्रदर्शनकारी, कई जगह जुटे लोग
CJP की ओर से प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित किया गया था, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग और सख्ती के कारण प्रदर्शनकारियों को वहां तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके चलते राजधानी के अलग-अलग इलाकों में लोग जुटने लगे और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
जंतर-मंतर के नजदीक स्थित राजीव चौक और कनॉट प्लेस के आसपास भी पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई। संसद मार्ग के रास्ते जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों को आगे बढ़ने से रोका गया। इसके बावजूद कुछ लोग छोटे रास्तों से राजीव चौक पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इस कारण संसद मार्ग के आसपास प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा होने लगी।
भारतीय किसान यूनियन ने भी जताया विरोध
राजीव चौक पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के अन्य लोग भी अलग-अलग स्थानों से दिल्ली पहुंच रहे हैं और उनकी कोशिश प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की रहेगी।
भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि वह प्रयागराज से दिल्ली आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने से रोक रही है। उन्होंने ट्रेनें रद्द किए जाने, लोगों को विभिन्न जिलों में रोके जाने और दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात किए जाने का भी दावा किया।
अनुज सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी लोकतंत्र और अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए यहां आए हैं। उनका कहना था कि लोग तब तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे, जब तक उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अवसर नहीं मिलता।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस पर लगाए आरोप
गाजियाबाद से राजीव चौक पहुंचने वाले राहुल ने कहा कि प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर को चुना गया था, ताकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख सकें। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को वहां जाने से रोकना उनकी आवाज दबाने जैसा है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने की अनुमति नहीं मिलेगी, उनका विरोध जारी रहेगा।
वहीं, दिल्ली की रहने वाली रिचा शर्मा ने पुलिस की बैरिकेडिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को विरोध जताने से रोका जा रहा है। रिचा ने मताधिकार और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल रोजी ने भी कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के कारण लोगों को अपनी बात रखने में कठिनाई हो रही है।
प्रदर्शनकारियों के ये बयान उनके अपने आरोप और विचार हैं। इन दावों पर संबंधित प्रशासन या पुलिस का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन कवर कर रहे पत्रकारों को हिरासत में लेने का आरोप
प्रदर्शन को कवर करने के लिए विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के साथ स्वतंत्र पत्रकार और यूट्यूबर्स भी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ पत्रकारों और डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता और हिरासत में लिए जाने के मामले पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की ओर से भी चिंता जताए जाने की बात सामने आई। इस कार्रवाई को लेकर मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों को रिपोर्टिंग करने देने के अधिकार पर सवाल उठे हैं।
दूसरी ओर, पुलिस की ओर से उद्घोषणा के जरिए प्रदर्शनकारियों से भीड़ से अलग रहने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रदर्शन वाले इलाकों में दुकानें और होटल बंद कराने की खबर
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन होने के बीच कुछ स्थानों पर दुकानों और होटलों को बंद कराए जाने की भी जानकारी सामने आई। बताया गया कि प्रदर्शन प्रभावित इलाकों में भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
हालांकि, इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों, नौकरीपेशा व्यक्तियों और खाने-पीने के लिए दुकानों व होटलों पर निर्भर लोगों को परेशानी होने की बात कही गई। प्रदर्शन के कारण सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की खबरें भी सामने आईं।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची और वोट के अधिकार से जुड़े सवाल उठाए।
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और कई स्थानों पर लोगों को रोका गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए, जबकि पूरे मामले में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की पुष्टि आवश्यक है।








