एफएनएन, चमोली : Badrinath धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को उत्तराखंड पुलिस ने रविवार देर रात करीब 11 बजे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ लेकर आ रही है।
मामले में साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। उसकी संभावित लोकेशन पर कई दिनों तक दबिश दी गई, जिसके बाद आखिरकार पुलिस को देहरादून से उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिनके आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की राशि के रखरखाव और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आई थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी के संकेत मिलने पर आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया और लगातार अलग-अलग स्थानों पर तलाश अभियान चलाया।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
CCTV फुटेज में नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) से आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसके अलावा मंदिर में चढ़ावे की गणना के दौरान लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्य तौर पर तीन से चार दिन के अंतराल पर होती है। इस अवधि में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को चढ़ावे की गणना की गई थी। जांच टीम इन तीनों दिनों की CCTV फुटेज का क्रमवार विश्लेषण कर रही है।
रविवार को 25 जून की फुटेज की जांच के दौरान आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित तौर पर नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस इस फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है। इसके अलावा पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
बताया जा रहा है कि 2 जुलाई को चढ़ावे की गणना के समय आरोपी समेत 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे। इनमें बीकेटीसी के कर्मचारी और कुछ स्थानीय साधु-संत भी शामिल थे, जो अक्सर इस प्रक्रिया का हिस्सा रहते हैं। पुलिस अब सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।







