एफएनएन, गैरसैंण : Gairsain उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पार्टी ने दिवालीखाल में अपने केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, पार्टी के घोषणा पत्र और संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी नेताओं ने कुछ राजनीतिक विरोधियों पर धमकी देने और मारपीट की कोशिश करने के आरोप भी लगाए और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) के केंद्रीय अध्यक्ष बलवेंद्र सिंह नेगी, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष नेगी और संतोष भंडारी के संयुक्त नेतृत्व में गैरसैंण स्थित भुवनेश्वरी आश्रम के सभागार में बैठक हुई। इसमें संगठन को मजबूत बनाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को एकजुट करने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
दिवालीखाल में शुरू होगा पार्टी का केंद्रीय कार्यालय
यूकेडी डेमोक्रेटिक के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करना उनकी पार्टी की प्रमुख मांग है। इसी उद्देश्य को लेकर पार्टी ने गैरसैंण में अपनी गतिविधियां बढ़ाने का फैसला लिया है। दिवालीखाल में केंद्रीय कार्यालय खोलने के साथ अब संगठन के कार्यों को यहीं से संचालित करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन विस्तार और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी की ओर से नए पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए और कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
आशीष नेगी और उनके समर्थकों पर लगाए आरोप
बैठक के दौरान यूकेडी डेमोक्रेटिक के नेताओं ने यूकेडी के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी और उनके समर्थकों पर धमकी देने, गाली-गलौज करने तथा मारपीट की कोशिश करने के आरोप लगाए। नेताओं का कहना है कि गैरसैंण में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर भी उन्हें धमकियां दी गईं।
आशुतोष नेगी के मुताबिक, आदिबद्री में आशीष नेगी के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गैरसैंण पहुंचने पर उन्हें देख लेने की धमकी दी गई। इस मामले में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बलवेंद्र सिंह नेगी की ओर से गैरसैंण कोतवाली में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने कहा- साक्ष्य मिलने के बाद होगी कार्रवाई
गैरसैंण कोतवाली के प्रभारी मनोज सिरोला ने बताया कि शिकायत प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और शिकायतकर्ता पक्ष से वीडियो तथा अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। साक्ष्यों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस बनाकर चुनाव लड़ने की तैयारी
आशुतोष नेगी ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस का गठन किया है। इसमें स्वाभिमान मोर्चा समेत कई क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। गठबंधन का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव में मिलकर चुनाव लड़ना और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
उन्होंने कहा कि पार्टी कई विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। उनके अनुसार, गैरसैंण में केंद्रीय कार्यालय स्थापित होने से संगठनात्मक गतिविधियों को संचालित करने में मदद मिलेगी।
काशी सिंह ऐरी की भूमिका पर उठाए सवाल
यूकेडी छोड़ने के फैसले पर बात करते हुए आशुतोष नेगी ने वरिष्ठ यूकेडी नेता काशी सिंह ऐरी की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और जागेश्वर सहित कई विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिनसे पार्टी को नुकसान हो सकता है।
उन्होंने टिकट वितरण में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने का आरोप भी लगाया। आशुतोष नेगी ने काशी सिंह ऐरी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए यूकेडी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े किए। ये आरोप उनके व्यक्तिगत राजनीतिक बयान हैं।
बलवेंद्र सिंह नेगी बोले- लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार
यूकेडी डेमोक्रेटिक के केंद्रीय अध्यक्ष बलवेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल और यूकेडी डेमोक्रेटिक दोनों क्षेत्रीय राजनीतिक दल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना उनकी पार्टी का प्रमुख एजेंडा है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति और संगठन को अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने का अधिकार है। किसी भी संगठन को अपनी राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने से रोकने के लिए धमकी देना उचित नहीं है।
संतोष भंडारी ने भी लगाए मारपीट की कोशिश के आरोप
यूकेडी डेमोक्रेटिक के नेता संतोष भंडारी ने बताया कि संगठन का दो दिवसीय अधिवेशन गैरसैंण में आयोजित करने की योजना थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गैरसैंण पहुंचने से पहले आदिबद्री में उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर धमकियां दी जा रही हैं।
संतोष भंडारी ने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यालय खोलना उनका संवैधानिक अधिकार है और वे किसी भी तरह के दबाव में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बंद नहीं करेंगे। उन्होंने मामले में पुलिस से उचित कार्रवाई करने की मांग की।
एलायंस में 60 क्षेत्रीय दलों को जोड़ने का लक्ष्य
संतोष भंडारी के अनुसार, उत्तराखंड डेमोक्रेटिक एलायंस के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन में करीब 60 राजनीतिक दलों को शामिल करने की पहल की गई है, जिनमें से 30 दल अब तक साथ आ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि यूकेडी को भी गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन उनके मुताबिक यूकेडी की राजनीतिक भूमिका भाजपा को लाभ पहुंचाने वाली है। संतोष भंडारी ने यूकेडी को भाजपा की ‘बी टीम’ बताते हुए उसकी रणनीति पर सवाल उठाए।
गैरसैंण में केंद्रीय कार्यालय की शुरुआत के साथ यूकेडी डेमोक्रेटिक ने स्थायी राजधानी के मुद्दे को फिर से प्रमुखता देने और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने का संकेत दिया है। वहीं, नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस की जांच और क्षेत्रीय दलों के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन की दिशा पर आगे नजर रहेगी।







