03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

एक्साइज ड्यूटी में छूट ने बजा दिए पेट्रोल पंपो के बाजे, कई पंप ड्राई

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google
  • रिलायंस, एसआर और नवाया के पंप बंद होने के कगार पर
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपने ही पंपों को नहीं कर पा रहा डीजल की आपूर्ति

कंचन वर्मा, रुद्रपुर : केंद्र सरकार की ओर से डीजल और पेट्रोल पर घटाई गई एक्साइज ड्यूटी के बीच पंपो के बाजे बज गए हैं। पंपों पर पेट्रोल और खासकर डीजल की सप्लाई न होने से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड से जुड़े पंप ही ड्राइ होने लगे हैं। रिलायंस, एसआर और नवाया जैसी नामी-गिरामी कंपनियों के पंप भी पूरी तरह सूख चुके हैं। क्योंकि यह निजी कंपनियां सीधे बाजार से तेल खरीदती हैं, ऐसे में उन्हें बड़ा घाटा हो रहा है।

उन्होंने पेट्रोल पंप से सप्लाई बंद कर दी है। ऊधमसिंह नगर में भी यही स्थिति है। पंपों पर डीजल और पेट्रोल न होने से यहां के उद्योगों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। पंपों से जुड़ी फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। हालांकि बहाना रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई के चलते क्रूड आयल की सप्लाई में कमी का बनाया जा रहा है लेकिन असलियत कुछ और है जो हम आपको आगे खबर में बताएंगे।

ऊधमसिंह नगर जिले की बात करें तो यहां हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के 216 पेट्रोल पंप हैं। इन पंपों पर भी डीजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कई पेट्रोल पंप ड्राई होने की कगार पर हैं। ऐसे में उन्हें उपभोक्ताओं की अभद्रता का शिकार भी होना पड़ रहा है। समस्या कैसे पैदा हुई तो हम आपको बताते हैं ! दरअसल केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 9:50 और डीजल पर ₹7 कम करने का फैसला लिया था।

इसका सीधा असर रिलायंस, एसआर और नवाया के पेट्रोल पंप पर पड़ा। यह कंपनियां सीधे बाजार से क्रूड आयल खरीदती हैं। बाजार में क्रूड आयल की कीमत कम न होने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ। अब इन कंपनियों ने पंपों से अपनी सप्लाई न के बराबर कर दी है। साथ ही सरकारी कंपनियों के मुकाबले इन निजी कंपनी ने पेट्रोल पर ₹5 डीजल पर ₹3 बढ़ा दिए। इन पंपों से होने वाली सप्लाई जब लड़खड़ाई तो इसका भार सीधे इंडियन आयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर पड़ा और यहां लोड बढ़ गया। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप भी इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुए।

यहां खास तौर पर डीजल की सप्लाई लड़खड़ा गई। ऐसे में आम उपभोक्ता तो परेशान हुआ ही, साथ ही सिडकुल की वो फैक्ट्रियां जो इन पंपों से बड़ी मात्रा में तेल लेती थी, प्रभावित हुईं। इन फैक्ट्रियों को तेल की आपूर्ति बंद कर दी गई या फिर कम कर दी गई, जिससे उनका उत्पादन लड़खड़ा गया। आज की स्थिति यह है कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड ही अपने पेट्रोल पंपों को डीलर का पैसा होने के बाद भी भरपूर सप्लाई नहीं दे पा रही। इसके साथ ही भारत पेट्रोलियम का भी यही हाल है। रिलायंस के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा बेचा जा रहा है। इसमें किच्छा का पंप भी शामिल है। पंपो पर सेल्समैन व स्टाफ अभद्रता का शिकार हो रहे हैं।

इस संबंध में जब हमने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के एएसएम विपुल वर्मा से बात की तो उन्होंने गोलमोल जवाब देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि सप्लाई सभी पंपों को दी जा रही है। लेकिन रीजनल मैनेजर दीपक कौशिक का कहना था कि इस समय उत्तराखंड में गर्मी के चलते टूरिस्ट का मूवमेंट काफी हो रहा है। इसलिए डीजल और पेट्रोल की मांग बढ़ गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि इसके चलते सप्लाई प्रभावित हुई है लेकिन वह इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जल्द ही व्यवस्था पटरी पर लाई जाएगी।

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img