एफएनएन, मध्य प्रदेश : Dhar Bhojshala की इंदौर बेंच ने धार भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला को मंदिर मान लिया है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार देते हुए परिसर में नियमित पूजा की अनुमति दी है, जबकि नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में Archaeological Survey of India (ASI) की सर्वे रिपोर्ट और वैज्ञानिक अध्ययन पर भरोसा जताया। अदालत ने कहा कि भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा केंद्र और मंदिर का था।
कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक जमीन की मांग के लिए जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन देने का विकल्प भी दिया है। मामले में पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन के बाद यह फैसला सुनाया गया।
फैसले से पहले धार और इंदौर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। भोजशाला परिसर और हाईकोर्ट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। जुम्मे की नमाज और फैसले को देखते हुए प्रशासन ने फ्लैग मार्च भी निकाला।
वहीं हिंदू संगठनों और याचिकाकर्ताओं में फैसले को लेकर उत्साह देखा गया। याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी वाग्देवी की प्रतिमा लेकर हाईकोर्ट पहुंचे। कई मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
इंदौर महापौर Pushyamitra Bhargav ने फैसले से पहले कहा था कि सत्य और सनातन संस्कृति की जीत होगी।






