
एफएनएन, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में तैनात सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने एक चौंकाने वाले फैसले में तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने यह कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा अधिसूचित UGC Regulations 2026 के कड़े विरोध के साथ प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ उठाया है. अग्निहोत्री की ओर से इस संबंध में सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया गया है.
उन्होंने कहा है ‘मैं अलंकार अग्निहोत्री, City Magistrate, बरेली, UGC Regulations 2026 के विरोध एवं प्रयागराज में माघ मेले में ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी/शिखा पकड़ कर हुई मारपीट के विरोध में तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं.’ यह घटना न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रही है, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक वर्ग में भी बहस छेड़ रही है. अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं. अपने इस्तीफे में UGC के नए नियमों को ‘शिक्षा व्यवस्था पर हमला’ करार दिया है. इन नियमों के तहत विश्वविद्यालयों में आरक्षण नीतियों में बदलाव, प्रवेश परीक्षाओं का केंद्रीकरण और पाठ्यक्रमों में धार्मिक/सांस्कृतिक विषयों को सीमित करने का प्रावधान है, जिसे कई विद्वान और धार्मिक नेता ‘सांस्कृतिक विरासत के अपमान’ के रूप में देख रहे हैं. बता दें कि अलंकार ने 10 साल आईटी सेक्टर में काम करने के बाद सिविल सेवा में सफलता पाई थी.
अग्निहोत्री ने त्यागपत्र देते हुए कहा है कि प्रयागराज की घटना ने धार्मिक संवेदनशीलता को चोट पहुंचाई है. उन्होंने मीडिया से कहा है कि माघ मेले के दौरान, जहां लाखों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचे थे, ज्योर्तिमठ के शिष्यों पर कथित रूप से पुलिस या भीड़ ने उनकी शिखा (चोटी) पकड़कर मारपीट की, जो ब्राह्मण परंपरा का अपमान माना जा रहा है.
दूसरी ओर इस त्यागपत्र को लेकर नियुक्ति विभाग और सरकार की ओर से कोई जवाब अब तक नहीं दिया गया है. नियुक्ति विभाग के संबंधित अधिकारियों ने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है.






