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इजराइल को ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने दी चेतावनी, गाजा में जंग नहीं रोकी तो ठोस कार्रवाई करेंगे

एफएनएन, इजराइल के विरोध में अब पश्चिमी देश भी खुलकर सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इजराइल गाजा में जंग रोकने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में रविवार को इजराइल की तरफ से गाजा में पहुंचाई गई मदद को नाकाफी बताया। साथ ही हमास से उसकी कैद में मौजूद बाकी इजराइली बंधकों को जल्द रिहा करने के लिए भी कहा गया है।

इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने तीनों देशों के खिलाफ पलटवार भी किया। नेतन्याहू ने कहा कि ये देश हमास को उसके हमले के लिए इनाम पेश कर रहे हैं। इसके अलावा 22 देशों ने गाजा में मदद की पूरी तरह से बहाली के लिए एक अलग बयान पर साइन किए ।

गाजा में 3 महीने बाद पहुंची खाद्य सामग्री

सोमवार को पांच सहायता ट्रक गाजा में पहली बार दाखिल हुए। इजराइल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में सीमित मात्रा में खाद्य सामग्री भेजने की इजाजत दे दी है। इजराइल ने 2 मार्च से गाजा में खाने-पीने की चीजों के आने पर रोक लगा दी थी।

टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की वॉर कैबिनेट ने सैन्य अधिकारियों की सलाह पर रविवार को यह फैसला किया। हालांकि, कैबिनेट में इसे लेकर वोटिंग नहीं कराई गई क्योंकि कई मंत्री इस फैसले के खिलाफ थे।

आंतरिक सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्विर और दूसरे दक्षिणपंथी नेताओं ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह हमास को ‘ऑक्सीजन’ देने जैसा है। पहले हमास को खत्म किया जाना जरूरी है।

इजराइल ने गाजा में 2 मार्च को लागू की नाकाबंदी

पिछले ढाई महीने में गाजा में UN और बाकी एजेंसियों के खाद्य भंडार पूरी तरह से खत्म हो गए हैं। खाने-पीने के सामानों की कमी के चलते गाजा में भुखमरी का खतरा बढ़ गया है।

इस वजह से अमेरिका समेत कई देशों का इजराइल पर दबाव बढ़ रहा था, जिसके बाद PM बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को गाजा पट्टी में जरूरी मदद फिर से शुरू करने का आदेश दिया।

नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में मदद पहुंचाना जरूरी है, ताकि गाजा में भूख की स्थिति न पैदा हो, क्योंकि इससे हमास के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करेगा कि मदद सिर्फ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और हमास को न मिले।

UN एजेंसी नहीं, अमेरिकी एजेंसी खाना बांटेंगी

रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में फिलहाल एक हफ्ते के लिए मदद पहुंचाई जाएगी। इस दौरान इजराइल गाजा में खाना बांटने के लिए नए वितरण केंद्र बनाएगा। ये सेंटर इजराइली सेना की निगरानी में रहेंगे। इसका संचालन अमेरिकी कंपनियां करेंगी।

नई व्यवस्था के तहत गाजा के लोगों को गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) के जरिए मदद दी जाएगी। हालांकि, कई सहायता एजेंसियों ने इस योजना की आलोचना की है। उनका कहना है कि इससे मानवाधिकार का उल्लंघन होता है।

  • GHF स्विट्जरलैंड में रजिस्टर्ड है। पूर्व अमेरिकी मरीन जेक वुड्स इसे चलाते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र (UN) का कहना है कि वह GHF के साथ काम नहीं करेंगे, क्योंकि यह निष्पक्ष नहीं है।
  • गाजा में GHF के 4 वितरण केंद्र खोले जाने की तैयारी है, जबकि UN के पूरे गाजा में 400 वितरण केंद्र हैं।
  • अगर GHF से गाजा के लोगों को खाना मिले तो बहुत कम लोगों तक ही मदद पहुंच पाएगी।

इजराइली हमले में को 151 लोगों की मौत

इस बीच इजराइल के हमलों में एक सप्ताह में करीब 464 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि कई परिवार के सभी सदस्य इन हमलों में मारे गए। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ रविवार को इजराइली हमले में 151 लोगों की मौत हुई है।

इजराइली सेना ने बताया कि उन्होंने गाजा में बड़े पैमाने पर जमीनी अभियान शुरू किया है। इसके तह उन्होंने पिछले सप्ताह 670 से ज्यादा हमास ठिकानों पर हमला किया।

गाजा में इजराइली हमले को रोकने के लिए इजराइल और हमास के बीच कतर में बातचीत चल रही थी, लेकिन इसमें कोई सफलता नहीं मिली। इजराइल का कहना है कि बंधकों को रिहा करने के बाद ही वह गाजा में अपना अभियान धीमा करेगा।

गाजा में करीब 20 लाख लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं बदले तो वहां जल्दी ही भयानक भुखमरी हो सकती है।

इजराइली सेना ने हमास को हराने और अपने बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत इजराइल ने बीते 3 दिन में गाजा पर कई बड़े हमले किए, जिसमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है

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