एफएनएन, हरिद्वार : Anurag Dobhal जेल में बंद यूट्यूबर अनुराग डोभाल को अदालत से राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश की अदालत ने अनुराग डोभाल समेत चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। यह मामला मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने और अपहरण के आरोपों से जुड़ा है। अदालत ने अपराधों की गंभीरता और मामले की विवेचना शुरुआती चरण में होने को जमानत नहीं देने का आधार माना।
इस मामले में अनुराग डोभाल के अलावा अभय चौधरी, अभिषेक टाइगर और कुर्बान उर्फ गुरु भाई आरोपी हैं। चारों आरोपियों की ओर से अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किए गए थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे।
बचाव पक्ष ने साजिश के तहत फंसाने का लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अनुराग डोभाल और अन्य आरोपियों को बिना पर्याप्त आधार के गिरफ्तार किया गया है। बचाव पक्ष के मुताबिक, पत्नी के भाई राज सिंह चौहान ने सुलह के लिए अनुराग डोभाल को घटनास्थल पर बुलाया था, जहां विवाद हुआ और बाद में उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया गया।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ अपहरण का अपराध नहीं बनता। अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी अदालत में पेश किए गए। सुनवाई के दौरान अनुराग डोभाल की ओर से यह दलील भी दी गई कि उनकी पत्नी उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का किया विरोध
वहीं, लोक अभियोजक और वादी के अधिवक्ता ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वादी को घटनास्थल पर बुलाया और उसके साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि वादी को जबरन कार में डालकर उसके साथ मारपीट की गई।
वादी के अधिवक्ता ने बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया।
अदालत ने अपराधों की गंभीरता को माना अहम आधार
अदालत के समक्ष पेश पुलिस रिपोर्ट और दस्तावेजों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2), 191(2), 351(3), 140(1) और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि मामले की विवेचना अभी शुरुआती चरण में है। ऐसे में इस स्तर पर साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण करना उचित नहीं होगा। अपराधों की प्रकृति, गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
पांच अक्टूबर की घटना से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला पांच अक्टूबर 2026 को हरिद्वार बाईपास के पास नेक्सा शोरूम के निकट हुई कथित घटना से संबंधित है। घटना के बाद अनुराग डोभाल समेत चार लोगों के खिलाफ मामला सामने आया था। अब अदालत द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद आरोपियों को इस मामले में फिलहाल राहत नहीं मिली है।








