एफएनएन, अल्मोड़ा : Almora उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में शिक्षक भर्ती से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग की जांच में फर्जी उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले तीन सहायक अध्यापकों के दस्तावेज गलत पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने तीनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला भैसियाछाना विकासखंड के तीन सरकारी प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ा है। इसी वर्ष जनवरी में हुई सहायक अध्यापक भर्ती के दौरान अंजना ग्वासीकोटी को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बौड़ा, प्रियांशु चंद्र को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाधार और भूपेंद्र कुमार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन में नियुक्त किया गया था।
पिछले महीने शिक्षा विभाग को शिकायत मिली कि कुछ शिक्षकों ने फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। शिकायत के बाद विभाग ने पांच शिक्षकों के प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए रामनगर स्थित परीक्षा बोर्ड को भेजे।
बोर्ड से प्राप्त जांच रिपोर्ट में तीन शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ आरोप पत्र भी जारी कर दिए। विभागीय जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी प्रमाणपत्र देखने में बिल्कुल असली जैसे लग रहे थे। इनमें क्यूआर कोड भी मौजूद था, जिसे स्कैन करने पर जानकारी दिखाई देती थी। हालांकि बोर्ड स्तर पर सत्यापन के दौरान स्पष्ट हो गया कि प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) डॉ. रवि मेहता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं और विभाग की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।






