एफएनएन, महाराष्ट्र : Maharastra के पुणे और आसपास के इलाकों में कथित जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। घटना हड़पसर, दापोडी और फुगेवाड़ी क्षेत्रों में सामने आई है। कई अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मामले में राज्य आबकारी विभाग ने योगेश वानखेड़े नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ इलाके में स्पिरिट सप्लाई करता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी स्पिरिट से तैयार की गई शराब पीने से लोगों की मौत हुई। हालात बिगड़ने के बाद आरोपी ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से अवैध देसी शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। हालांकि कई मृतकों में मौत से पहले चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने जैसे समान लक्षण पाए गए थे।
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एनसीपी नेता योगेश बहल ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि विधायक रोहित पवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने भी राज्य सरकार और गृह विभाग को निशाने पर लिया है।
फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं और अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।






