Friday, March 13, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तराखंडउत्तराखंड: महिलाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए भाजपा का कीर्तन-नवरात्र प्लान

उत्तराखंड: महिलाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए भाजपा का कीर्तन-नवरात्र प्लान

एफएनएन, देहरादून : महिलाओं के बीच पहुंचने के लिए भाजपा ने कीर्तन-नवरात्र प्लान बनाया है। कीर्तन मंडली, नवरात्र, हरियाली तीज जैसे त्योहारों में महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। मंडल स्तर तक होंगे महिला मोर्चा के आयोजन होंगे।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए खास कीर्तन-नवरात्र प्लान तैयार किया है। संगठन ने महिला मोर्चा को इस प्लान को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंप दी है।

अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा की नजर युवाओं के अलावा महिला मतदाताओं पर भी है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो जनवरी में प्रदेश में 84,29,459 मतदाताओं में से 40,64,488 महिला मतदाता हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदाताओं ने भाजपा को रिकॉर्ड जीत तक पहुंचने में अहम किरदार अदा किया था। लिहाजा, संगठन ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भी महिला मतदाताओं पर मजबूत पकड़ बनाने पर जोर लगाया है।

इसके लिए महिला मोर्चा को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि मंडल स्तर तक होने वाली कीर्तन मंडल में मोर्चा शामिल होगा। महिलाओं के बीच कीर्तन का आनंद लेने के साथ ही सरकार की उपलब्धियां और सेवाएं पहुंचाएगी। इसी प्रकार, नवरात्र के हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उधर, हरियाली तीज को भी भाजपा, महिलाओं के साथ मिलकर मनाएगी। यह कार्यक्रम भी मंडल स्तर तक होंगे।

बजट में भी सरकार ने रखा है खास ध्यान

इस बार विधानसभा में जो बजट मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने पेश किया, उसमें भी महिलाओं की योजनाओं से संबंधित जेंडर बजट बढ़ाया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में धामी सरकार ने जेंडर बजट में 2423 करोड़ की बढ़ोतरी करते हुए 16,961.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इस साल इसमें 2730 करोड़ की और बढ़ोतरी करते हुए 19,692.02 करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। इस बजट में न केवल महिलाओं की सुरक्षा का ख्याल रखा गया बल्कि उनके विकास, पोषण का भी खास ख्याल रखा गया है।

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महिला मोर्चा को त्योहारों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोर्चा पदाधिकारी उसी हिसाब से मंडल स्तर तक इन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। मकसद है कि सरकार ने जितने कल्याण के काम किए हैं, वह सही तरीके से महिलाओं तक पहुंचें।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments