एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में सचिवालय के भीतर एक विधायक एवं उनके सहयोगियों द्वारा शिक्षा निदेशक के साथ मारपीट की गई थी. हालांकि, मामला तूल पकड़ता देख विधायक ने माफी मांग ली थी. इस मामले के बाद धामी सरकार ने नया एसओपी लागू किया है. अब सरकारी दफ्तरों में जाने के लिए कई नियमों का पालन करना होगा. जिसे लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान सामने आया है. उन्होंने धामी सरकार के इस फैसले को लेकर आड़े हाथों लिया है.
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, करे कोई-भरे कोई! सरकारी अधिकारी को कार्यालय में घुसकर मारा, भाजपा के माननीय विधायक जी के नेतृत्व में कुछ लोगों ने और दंड भुगते उत्तराखंड की जनता. सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं कि अब सरकारी दफ्तरों में लोगों के जाने को लगभग प्रतिबंधित कर दिया है. पहले ही कोई सुनवाई नहीं होती थी, अब तो भगवान ही मालिक है!
आगे हरीश रावत ने कहा, उत्तराखंड में एक नई भारतीय दंड संहिता लागू हो गई है कि सरकारी कर्मचारियों को घायल कर दो, खून निकले, उसका मेडिकल हो और वह कहे कि मेरी जान को खतरा है. यदि करने वाला खेद जता दे तो सब कुछ रफा-दफा. हां इतना विशेषाधिकार जरूर है कि मारने वाला विधायक होना चाहिए.







