Wednesday, March 4, 2026
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उत्तराखंड में भी 13 दिसंबर को सभी जिलों में और तहसील स्तर के न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा

एफएनएन, देहरादून: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर देश भर में 13 दिसंबर को लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. इसी के तहत उत्तराखंड में भी 13 दिसंबर को सभी जिलों में और तहसील स्तर के न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा.

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की बात करें तो देहरादून जिले में अब तक लोक अदालत के सबसे ज्यादा सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं. यहां पिछली दफा सितंबर में हुई लोक अदालत के बाद पहली बार ऐसा हुआ, जब जिला कोर्ट में मुकदमों की पेंडेंसी एक लाख से नीचे आई.

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की अध्यक्ष और जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने 13 दिसंबर को होने वाली लोक अदालत के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देहरादून जिला मुख्यालय के साथ-साथ विकास नगर, ऋषिकेश, चकराता, मसूरी और डोईवाला में तहसील स्तर पर भी लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को सुबह 11:00 से शाम 5:00 बजे तक किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि जिन भी लोगों के मामले अदालत में पेंडिंग है या जो छोटी प्रवृत्ति और कंपाउंडिंग प्रवृत्ति के मामले हैं, उनका समाधान इस लोक अदालत में किया जाएगा. उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि चाहे वह छोटे आपराधिक मामले जिन में लड़ाई झगड़ा इत्यादि शामिल है. साथ ही बैंकों में चेक बाउंस इत्यादि के मामलों में भी लोग अपील कर सकते हैं. सबसे ज्यादा सिविल और मोटर व्हीकल एक्ट के मामलों में लोक अदालत में राहत ली जा सकती है.

लोक अदालत में इस तरह के मामलों में मिलेगी राहत:

  • फौजदारी के शमनीय प्रकृति के वाद
  • धारा 138 एनआई.एक्ट के वाद
  • मोटर दुर्घटना प्रतिकर सम्बंधी वाद
  • वैवाहिक/कुटुम्ब न्यायालयों के वाद (विवाह-विच्छेद को छोड़कर)
  • श्रम सम्बन्धित वाद
  • भूमि अर्जन के वाद
  • दीवानी वाद
  • राजस्व संबंधित वाद
  • विद्युत एवं जल कर बिलों के मामले (अशमनीय मामलों को छोड़कर)
  • वेतन-भत्तों एवं सेवानिवृत्ति से संबंधित वाद
  • धन वसूली से संबंधित वाद
  • अन्य ऐसे मामले जो सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित हो सकें.

मोटर व्हीकल एक्ट में इस तरह मिलती है राहत: जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने यातायात नियमों के उल्लंघन में कुछ इस तरह के मामले होते हैं, जिसमें चालन केवल कुछ डाक्यूमेंट्स न होने के आधार पर या फिर हेलमेट न होने पर, रेड लाइट क्रॉस करने और ओवर स्पीड के तमाम के कारण होता है. ऐसे चालान जिनका जुर्माना एक्ट के अनुसार काफी ज्यादा है, उन मामलों में भी राहत प्राप्त कर इस तरह की लोग अदालत में निस्तारण किया जा सकता हैं.

उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में करीब आधा जुर्माना माफ कर दिया जाता है. लोक अदालत में इसका लाभ उठाने के लिए संबंधित व्यक्ति को संबंधित अदालत में जाकर अपना चालान कलेक्ट करना होगा और उसके लिए लोक अदालत में आवेदन करना होगा.

लोक अदालत में कैसे करना है आवेदन?: जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने बताया कि लोक अदालत में आवेदन करने के लिए आपको देहरादून जिला मुख्यालय में मौजूद जिला लोक विधिक सेवा प्राधिकरण में आकर किसी भी तरह की जानकारी ले सकते हैं. जिन मामलों में या मुकदमों में आप राहत लेना चाहते हैं, उनसे संबंधित जानकारी आप प्राधिकरण कार्यालय आकर ले सकते हैं.

इसके अलावा प्राधिकरण का फोन नंबर 01352520873, मोबाइल नंबर 9458346961 पर कॉल करके या फिर प्राधिकरण के ईमेल एड्रेस dehradundlsa13@gmail.com पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

लोक अदालतों से कम हो रही हैं कोर्ट की पेंडेंसी: जिला न्यायाधीश सीमा डूंगराकोटी ने बताया इस साल हुई तीन लोक अदालत में लगातार आवेदनकर्ताओं की संख्या में इजाफा हुआ है. इस साल की चौथी लोक अदालत दिसंबर 13 को होने जा रही है. उन्होंने बताया कि देहरादून जिला मुख्यालय में मार्च में 8 हजार, मई में 10 हजार तो वही सितंबर में 14 हजार केस 1 दिन में निस्तारित किए गए.

उन्होंने कहा कि यह प्राधिकरण के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यही नहीं लोक अदालत में कुछ ऐसे कैसे भी सॉल्व किए जाते हैं, जो की प्री-लिटिगेशन के होते हैं. यानी ऐसे केस जो कोर्ट जाने वाले होते हैं, जो कि ज्यादातर बैंक लोन और EMI से जुड़े हुए रहते हैं. इस साल की पिछली सितंबर की लोक अदालत में तकरीबन 7000 प्री लिटिगेशन के मामलों को निस्तारित किया गया.

 

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