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हिमांशु की नैया पार, बेहड़ से अब आर-पार

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  • सिफारिश दरकिनार होने से पूर्व मंत्री नाराज, समर्थक 12 पार्षदों का इस्तीफा
  • इस्तीफा देने वालों में बेहड़ का पार्षद पुत्र सौरभ भी शामिल
  • यूथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष ने भी सोशल मीडिया पर डाला इस्तीफा
  • बेहड़ ने कहा- गाबा स्वीकार नहीं, गाबा बोले- आखिर क्यों कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं बेहड़

एफएनएन, रुद्रपुर : जिला और महानगर अध्यक्ष की घोषणा के साथ ही एक ओर जहां नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत का क्रम चल रहा है, वहीं रुद्रपुर कांग्रेस में इस्तीफो का दौर शुरू हो गया है। शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ कांग्रेसी, विधायक और पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ की ‘ सिफारिश ‘ को दरकिनार करने से यह विवाद उपजा है। बेहड़ के पार्षद पुत्र सौरभ समेत कांग्रेस के 12 पार्षदों और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष ने भी कांग्रेस से किनारा कर लिया है। बेहड़ ने कहा है कि हिमांशु गाबा उन्हें जिला अध्यक्ष के रूप में कतई बर्दाश्त नहीं। वहीं हिमांशु गाबा ने कहा कि बेहड़ कांग्रेस को क्यों कमजोर करना चाहते हैं, यह उनकी सोच से परे हैं।

पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़ की कांग्रेस के जिला व महानगर संगठन से अनबन के किस्से आम हैं। लगातार इसी लड़ाई को लेकर कांग्रेस गर्त में जा रही है, हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव का परिणाम देखें तो उधम सिंह नगर जिले की 9 विधानसभा सीटों में पांच पर कांग्रेस ने परचम लहराया जबकि दो सीटों पर मामूली अंतर से कांग्रेस पराजित हुई। बावजूद नगर निकाय और जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, हालांकि तिलक राज बेहड़ अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली तीन जिला पंचायत सीटों को अपने बल पर जिता ले जाने का दावा करते हैं। पिछले दिनों जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने जिला और महानगर अध्यक्षों की नियुक्ति से पहले रायशुमारी कराई तो इसमें तिलक राज बेहड़ ने खास शक्ति प्रदर्शन किया।

जिला अध्यक्ष के लिए उन्होंने बंगाली नेता परिमल राय और महानगर अध्यक्ष के लिए प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय जुनेजा का नाम सुझाया। सभी को लग रहा था कि इन दोनों नामो पर शीर्ष नेतृत्व अपनी मोहर लगा देगा, लेकिन मंगलवार शाम जारी हुई सूची ने सभी को चौंका दिया। जिला अध्यक्ष पद पर हिमांशु गाबा की दोबारा ताजपोशी कर दी गई तो वहीं महानगर अध्यक्ष के लिए अनुसूचित जाति की ममता रानी का नाम सामने आया। ममता रानी पूर्व में मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं। तकरीबन 4,000 वोटो के अंतर से वह सोनी कोली से चुनाव हार गई थीं। इन दोनों पर मोहर लगने से तिलक राज बेहड़ खेमा निराशा में डूब गया। बुधवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहड़ के वार्ड 39 से पार्षद बेटे सौरभ के साथ ही 12 पार्षदों ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर भी इन लोगों ने अपने इस्तीफे साझा किए। इसके साथ ही यूथ कांग्रेस के नगर अध्यक्ष ने भी अपना इस्तीफा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

इधर, इस्तीफे चल रहे थे तो दूसरी ओर हिमांशु गाबा और ममता रानी का स्वागत किया जा रहा था। तिलक राज बेहड़ का कहना है कि वह हिमांशु गाबा को जिला अध्यक्ष के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेंगे, वहीं ममता रानी पर उन्होंने चुप्पी साधकर रखी। बेहड़ का कहना था कि गाबा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहते हैं, ऐसे में उन्हें जिला अध्यक्ष बनाया जाना उचित नहीं है। हिमांशु गाबा का कहना है कि बेहड़ आखिर पार्टी क्यों कमजोर क्यों कर रहे हैं, यह उनकी समझ से परे हैं। उन्होंने कहा कि बेहड़ हमारे वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें आगे आकर पार्टी को मजबूत करने का काम करना चाहिए। वहीं हिमांशु गाबा की ताजपोशी से उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष ममता रानी का कहना है कि उन्होंने तो हमेशा पार्टी हित में काम किया है। उन्होंने पूर्व में प्रत्याशी कोई भी हो, सभी को लड़ाने और जिताने के लिए भरपूर कोशिश की, बावजूद उनका विरोध क्यों हो रहा है, उनकी समझ से परे है।

… तो भाजपा की ओर है बेहड़ का झुकाव !

पार्टी की घोषणा के साथ ही तमाम वरिष्ठ नेताओं को सवालों के कटघरे में खड़ा करने से तिलक राज बेहड़ पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि तिलक राज बेहड़ का झुकाव भाजपा की ओर है। ऐसे में वह पार्टी की रीति नीति के खिलाफ अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर अब बेहड़ के पुत्र और उनके समर्थक क्या निर्णय लेंगे।

मेरे हटने से तो उन्हें खुशी मनानी चाहिए : सीपी

सीपी शर्मा का कहना है कि उनकी जगह ममता रानी को महानगर अध्यक्ष बनाए जाने से बेहड़ को खुश होना चाहिए, क्योंकि वह लगातार उनका विरोध कर रहे थे, लगातार उन्हें निशाना बनाया जा रहा था और तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे थे, लेकिन बेहड़ खुश होने के बजाय अपनी नाराजगी दिख रहे हैं और पार्टी को ही नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। वह ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह भी सवाल है।

संजय बोले- हम तिलक के साथ

महानगर अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे चल रहे संजय जुनेजा का फैसला आने के बाद कहना है कि वह तिलक राज बेहड़ के साथ हैं और जो उनके नेता करेंगे या निर्णय देंगे, वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हाई कमान के निर्णय पर उनका कहना है कि उन्होंने तो राय शुमारी में अपनी दावेदारी की थी, अब फैसला लेना शीर्ष नेतृत्व के हाथ में था।

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