Sunday, March 15, 2026
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हाईकोर्ट ने खारिज की बेसिक शिक्षक पदों पर स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की बाध्यता की याचिका

एफएनएन, नैनीताल : हाई कोर्ट ने सहायक अध्यापक बेसिक के पदों पर हो रही भर्ती में स्नातक स्तर पर 50 प्रतिशत अंक की बाध्यता की शर्त को चुनौती देती याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

2019 में हाई कोर्ट ने याचिककर्ताओ को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में प्रतिभाग का अवसर प्रदान किया था। जिसके आधार पर कई अभ्यर्थी सहायक अध्यापक प्राइमरी के पद पर नियुक्त भी हो गए थे और कुछ पदों पर काउंसलिंग अभी होनी थी।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने देवेश शर्मा बनाम भारत संघ में व्यवस्था दी है कि सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद के लिए मात्र बीएड की योग्यता आधार नहीं बनाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन का इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन भी निरस्त कर दिया था।

स्नातक में 50 प्रतिशत अंक होने की शर्त पर विचार का नहीं कोई महत्व

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के आधार पर याचिकाकर्ताओं के मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि जब बीएड की अर्हता को ही सहायक अध्यापक की अनिवार्य योग्यता से सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है, ऐसे में स्नातक में 50 प्रतिशत अंक होना या ना होना इस शर्त पर विचार करने का अब कोई महत्व नहीं रहेगा। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने सभी अभ्यर्थियों की याचिकाओं को खारिज कर दी।

कोर्ट के आदेश के बाद अंतरिम आदेश के आधार पर नियुक्त हुए कई सहायक अध्यापक प्राइमरी और जिन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होनी थी, उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

 

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