


सोशल मीडिया में छिड़े सूची वार में आखिरकार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कूद गए हैं। शनिवार को उन्होंने फेसबुक पर अपने ऑफिशियल पेज पर कुछ नामों की सूचियां जारी करते हुए बीते पांच-छह सालों में उत्तराखंड के लोगों के हक की नौकरियों की बंदरबांट का आरोप लगाया है।
सिस्टम पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारी जमीनों पर रिजॉर्ट बन रहे हैं और हम चौकीदार बनकर रह गए हैं। विशेषतौर पर दो सूचियों को अपने फेसबुक पेज पर अपलोड करते हुए पूर्व सीएम रावत ने कहा है कि पिछले पांच-छह वर्षों में ऐसी सैकड़ों नियुक्तियां हुई हैं, जो नहीं हो सकती हैं।
स्पष्ट तौर पर उत्तराखंड के लोगों का हक मारकर लोगों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने निकटस्थ व परिवार के लोगों की नियुक्तियां की हैं। उसी तरीके से प्रदेश में तमाम ठेके दिलवाए गए हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी, इरीगेशन, यूपीसीएल आदि विभागों में साज-सज्जा के सामान खरीद के ठेके भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यदि यह सारी लिस्ट जनता के संज्ञान में आ जाएं तो पिछले छह वर्षों में किस तरह से उत्तराखंड को लूटा गया या लूटवाया गया है, उसकी एक तस्वीर सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कुछ और खोजी लोग और गहराई तक जाकर सत्य को उजागर करेंगे।
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