एफएनएन, देहरादून : दिल्ली में आयोजित भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद उत्तराखंड संगठन और सरकार आगामी दो माह के लिए स्पष्ट रणनीति के साथ लौटे हैं। बैठक में जनसंपर्क बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में तय किया गया कि सभी विधायक मानसून के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे और किसी भी आपदा या जनसमस्या की स्थिति में लोगों के साथ खड़े दिखाई देंगे। साथ ही, चुनाव के दौरान किए गए स्थानीय वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विधायक सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के संपर्क में रहेंगे, ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जा सके।
संगठन स्तर पर भाजपा का फोकस अपने पारंपरिक कार्यकर्ताओं और कोर वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने पर रहेगा। ऐसे कार्यकर्ताओं तक भी पहुंचने की योजना बनाई गई है, जो किसी कारणवश स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। अगले दो महीनों के सभी संगठनात्मक कार्यक्रमों को इसी रणनीति के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रतिनिधियों ने भी जनसंपर्क और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, विधायकों, संगठन पदाधिकारियों और दायित्वधारियों की सक्रियता पर लगातार नजर रखने की बात भी कही गई।
महिलाओं और अग्निवीरों पर रहेगा विशेष फोकस
भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातिगत समीकरणों के बजाय विभिन्न सामाजिक वर्गों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ सितंबर से सेवा पूरी कर लौटने वाले पहले अग्निवीर बैच के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए पार्टी और सरकार अग्निवीर सेल के माध्यम से काम करेंगी। पूर्व सैनिकों को लेकर भी नई रणनीति बनाने पर विचार किया गया।
23 हारी हुई सीटों पर विशेष अभियान
बैठक में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथ से निकली 23 सीटों पर विशेष चर्चा हुई। तय किया गया कि इन क्षेत्रों में अगले छह महीनों तक संगठन पूरी सक्रियता के साथ अभियान चलाएगा। सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने, वरिष्ठ नेताओं के प्रवास और स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा।
भाजपा का मानना है कि संगठनात्मक मजबूती, जनसंपर्क अभियान और सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की नींव रखी जाएगी।







