एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand सरकार की महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली ‘भुली योजना’ को महिलाओं का शानदार समर्थन मिल रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए अब तक राज्यभर से 1,000 से अधिक महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने आवेदन किए हैं।
इस योजना के तहत महिला उद्यमियों और महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए बिना ब्याज के 1.66 लाख रुपये से लेकर 7.50 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही लाभार्थियों को व्यवसाय प्रबंधन और तकनीकी सहायता के लिए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
सरकार इस योजना के तहत 150 महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों का चयन करेगी। चयनित लाभार्थियों को अपने कारोबार में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार 3 से 4 स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराना होगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
इन जिलों से सबसे ज्यादा आवेदन
भुली योजना में सबसे अधिक 168 आवेदन पिथौरागढ़ से प्राप्त हुए हैं। इसके बाद उत्तरकाशी से 161, चमोली से 124, चंपावत से 92, पौड़ी गढ़वाल से 71, नैनीताल से 69, टिहरी गढ़वाल से 66, रुद्रप्रयाग से 64, हरिद्वार से 56, अल्मोड़ा से 44, देहरादून से 41, उधम सिंह नगर से 24 और बागेश्वर से 21 आवेदन मिले हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि महिलाओं की ओर से मिले उत्साहजनक प्रतिसाद से यह स्पष्ट है कि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।







