एफएनएन, अमरोहा/रामपुर : Jauhar University उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के अमरोहा सदर विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान में लोक लेखा समिति के सभापति महबूब अली को जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में रामपुर रवाना होने से पहले ही अमरोहा स्थित उनके आवास पर पुलिस ने रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जुट गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
महबूब अली ने आरोप लगाया कि वह सुबह करीब 11 बजे अपने समर्थकों के साथ रामपुर के लिए निकलने वाले थे और दोपहर तक जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचने का कार्यक्रम तय था। लेकिन उससे पहले ही पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि एक जनप्रतिनिधि को शांतिपूर्ण तरीके से कहीं आने-जाने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
विधायक को रोके जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए। समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। 
इस दौरान महबूब अली ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई पर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी समीक्षा कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का सबसे अधिक असर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ता है, इसलिए उनकी पढ़ाई, परीक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
उधर, रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर छात्र-छात्राएं कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ भवनों का नहीं, बल्कि करीब चार हजार छात्रों के भविष्य का सवाल है। धरने में शामिल बीए एलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा लैबा ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि यूनिवर्सिटी के भवनों पर बुलडोजर चलता है तो यह केवल इमारतों पर नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों, भविष्य और डिग्रियों पर भी चलेगा। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और न्यायालय से अपील की कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो।
फिलहाल छात्र-छात्राओं का धरना जारी है और सभी की निगाहें प्रशासन तथा न्यायालय के अगले फैसले पर टिकी हैं। वहीं, पुलिस द्वारा महबूब अली को रोके जाने की घटना के बाद इस पूरे विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।






