एफएनएन, हल्द्वानी : Haldwani रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण विवाद ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड भाजपा नेताओं से जुड़े मामले में कर्नाटक में जीरो FIR दर्ज होने की जानकारी के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है।
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से बेंगलुरु में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ जीरो FIR दर्ज होने की जानकारी मिली है। उन्होंने इसे उत्तराखंड में हुई घटनाओं की कथित प्रतिक्रिया बताया।
‘कानून के हाथ भाजपा नेताओं तक पहुंच गए’
गणेश गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून के हाथ हमेशा लंबे होते हैं और अब वे भाजपा नेताओं तक पहुंच गए हैं। उनके मुताबिक, उत्तराखंड में सरकार होने के कारण भाजपा को शायद लगा कि कानून की कार्रवाई को प्रदेश की सीमाओं तक सीमित रखा जा सकता है, लेकिन देश संविधान और एक कानून के तहत चलता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कर्नाटक से कानून की कार्रवाई सामने आई है और आने वाले समय में देश के दूसरे हिस्सों से भी कार्रवाई हो सकती है।
भाजपा के सामने रखे तीन विकल्प
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के सामने तीन मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि भाजपा को कथित घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए, मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लिया जाना चाहिए।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में कांग्रेस की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई।
‘यह क्रिया की प्रतिक्रिया है’
गोदियाल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को वह ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ के तौर पर देखते हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश में सत्ता के प्रभाव के चलते कांग्रेस की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि कानून किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है और देश के दूसरे राज्यों में भी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
छह महीने बाद बदल सकता है राजनीतिक समीकरण
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा को राजनीतिक रूप से भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता और करीब छह महीने बाद प्रदेश में भी परिस्थितियां बदल सकती हैं।
गोदियाल ने कहा कि आने वाले समय में कानून के हाथ और लंबाई तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने भाजपा से कथित शुद्धिकरण मामले में कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
क्या है हल्द्वानी का पूरा विवाद?
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली हुई थी। इसके कुछ दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा मैदान और मंच पर धार्मिक अनुष्ठान किए जाने की बात सामने आई।
कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित होने से जोड़ते हुए कथित शुद्धिकरण करार दिया और इसे लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। इसके बाद से कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा भाजपा से संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
भाजपा ने कथित शुद्धिकरण को बताया था उचित
इस विवाद के बीच उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बातचीत में कथित शुद्धिकरण को सही ठहराया था। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
अब कर्नाटक में जीरो FIR की जानकारी सामने आने के बाद हल्द्वानी का यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर दूसरे राज्य तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।








