03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

बरेली की 12 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, गांधी जयंती पर डीएम ने प्रधानों को किया सम्मानित

एफएनएन ब्यूरो, बरेली। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने वर्ष-2023 में पंचायतीराज एवं स्वास्थ्य विभाग से सहयोग से टीबी मुक्त घोषित की गई बरेली जिले की 12 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को बुधवार को गांधी जयंती के पर्व पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया।

सम्मान समारोह में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मौजूदा मानसून सीजन में जानलेवा मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए सम्मानित हुए प्रधानों से अपने-अपने गांवों के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा वायु प्रदूषण से बचने के लिए किसानों को पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक बनाने की भी अपील की। डीएम ने कहा कि पूर्व प्रधान तथा वर्तमान प्रधान के आपसी मनमुटाव के कारण गांववासियों को बेवजह परेशान होना पड़ता है। इससे विकास भी प्रभावित होता है। पूर्व प्रधान तथा वर्तमान प्रधान ग्राम पंचायत के विकास के लिए मिल-जुलकर कार्य कर सकें तो ग्रामीणों का काफी भला हो सकता है।

इन 12 ग्राम प्रधानों को किया गया सम्मानित

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होने के पर संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों को महात्मा गांधी की आकर्षक प्रतिमा एवं प्रशस्ति-पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में विकास खंड नवाबगंज के गांव काशीपुर धर्मपुर, प्रेमपुर मुरारपुर, सिथरा, विकास खंड बहेड़ी के गांव हरसूनगला, भैनसिया, आमडांडा, रेतवाड़ा, विकास खंड शेरगढ़ के गांव खाता, नियामतपुर, ढकिया डाम, विकास खंड क्यारा के ग्राम ठिरिया ठकुरान तथा विकास खंड भुता के ग्राम कंजा चकरपुर के ग्राम प्रधान शामिल रहे।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित कराने के लिए ये हैं छह मानक

सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ने वर्ष-2025 तक शत-प्रतिशत टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसी भी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित कराने के लिए भारत सरकार द्वारा छह मानदंड लागू किए गए हैं। इनमें प्रति 1000 की जनसंख्या पर न्यूनतम 30 संदिगंध टीबी रोगियों की जांचें होना, प्रति 1000 की जनसंख्या पर एक रोगी या उससे कम मिलना, ग्राम पंचायत की टीबी उपचार सफलता दर (01 वर्ष पूर्व की) 85 प्रतिशत से अधिक होना, ग्राम पंचायत में उपचार ले रहे क्षय रोगियों की यूडीएसटी 60 प्रतिशत से अधिक होना और सभी क्षय रोगियों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रथम किस्त से लाभान्वित कराना। जो ग्राम पंचायतें इन सभी छह मानदंडों को पूरा करती हैं, वह टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के लिए अपना दावा प्रस्तुत कर सकती हैं।

Hot this week

Uttrakhand से दिनेश आर्य को BJP ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, संगठन और संघ से रहा है पुराना नाता

एफएनएन, देहरादून : भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव...

SIR को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की बैठक, 8 अक्टूबर को देहरादून में मार्च

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष...

Flydubai विमान को बचाने वाले ‘गुमनाम हीरो’ कौन? कॉकपिट में पहुंचे थे दो पायलट

एफएनएन , जेरूसलम : फ्लाईदुबई की एक उड़ान में...

Chamapawat में पहली बार कैबिनेट बैठक, उपनल और PG डॉक्टरों समेत कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

एफएनएन, चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता...

NSUI का बड़ा एक्शन, चमोली जिलाध्यक्ष समेत 6 नेताओं को किया निष्कासित

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में...

Topics

SIR को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की बैठक, 8 अक्टूबर को देहरादून में मार्च

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष...

NSUI का बड़ा एक्शन, चमोली जिलाध्यक्ष समेत 6 नेताओं को किया निष्कासित

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img