एफएनएन , नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने व्यापक परिचालन योजना तैयार की है। परीक्षा के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रेनें चलाने, मौजूदा ट्रेनों के विस्तार और जरूरत के अनुसार समय में बदलाव करने की व्यवस्था की गई है।
PET 2026 की परीक्षा 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित होगी। रेलवे का उद्देश्य अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परीक्षा समाप्त होने के बाद वापस लौटने के लिए पर्याप्त यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना है।
दो पालियों में होगी PET 2026 की परीक्षा
UPSSSC PET 2026 की परीक्षा तीनों निर्धारित तारीखों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी।
परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में रेलवे ने नियमित ट्रेनों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज से झांसी के लिए चलेगी परीक्षा स्पेशल ट्रेन
उत्तर मध्य रेलवे ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 12 डिब्बों वाली अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। यह ट्रेन 24, 29 और 31 अक्टूबर को प्रयागराज जंक्शन से शाम 7:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 5:15 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी।
इस ट्रेन का उद्देश्य उन अभ्यर्थियों को यात्रा का विकल्प देना है, जिन्हें परीक्षा से एक दिन पहले झांसी या आसपास के क्षेत्र में पहुंचना है।
कानपुर से मथुरा के लिए भी विशेष ट्रेन
रेलवे की योजना के तहत कानपुर सेंट्रल से मथुरा जंक्शन के बीच भी 12 डिब्बों वाली अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन 24, 29 और 31 अक्टूबर को रात 8 बजे कानपुर सेंट्रल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 3:10 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचेगी।
इस सेवा से कानपुर, फफूंद, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला और मार्ग के अन्य स्टेशनों से यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों से अभ्यर्थियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेंगे और नियमित ट्रेनों में भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल के बीच समन्वय
अभ्यर्थियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल सहित अन्य संबंधित मंडलों के साथ समन्वय किया है।
यात्रियों की मांग और परिचालन परिस्थितियों के आधार पर कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, मथुरा और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जैसे प्रमुख स्टेशनों के लिए अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाने पर भी विचार किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या और भीड़ की स्थिति पर नजर रखेगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
मौजूदा ट्रेनों के विस्तार और समय में बदलाव की तैयारी
विशेष ट्रेनों के अलावा रेलवे मौजूदा सेवाओं का बेहतर इस्तेमाल करने की तैयारी भी कर रहा है। इसके तहत कुछ नियमित ट्रेनों के रूट का विस्तार किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को यात्रा की सुविधा मिल सके।
परिचालन योजना के तहत कानपुर सेंट्रल-लखनऊ, कानपुर सेंट्रल-रायबरेली और कानपुर सेंट्रल-खजुराहो रेलखंडों पर चलने वाली तीन ट्रेनों के समय में जरूरत के अनुसार संशोधन किया जा सकता है।
इसके अलावा कानपुर सेंट्रल-फतेहपुर, इटावा-कानपुर सेंट्रल और कानपुर सेंट्रल-टूंडला सहित संबंधित मार्गों पर चलने वाली नौ ट्रेनों के विस्तार का भी प्रावधान किया गया है। ये बदलाव यात्रियों की मांग और परिचालन जरूरतों के आधार पर लागू किए जा सकते हैं।
यात्रियों की संख्या के आधार पर लागू होंगी व्यवस्थाएं
रेलवे की इस योजना का मुख्य उद्देश्य परीक्षा से पहले और बाद में अभ्यर्थियों को यात्रा के पर्याप्त विकल्प उपलब्ध कराना है। विशेष ट्रेनों, अतिरिक्त रेक, ट्रेनों के संभावित विस्तार और समय-सारिणी में बदलाव के जरिए अतिरिक्त यात्री भार को अलग-अलग सेवाओं में बांटने की तैयारी की गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन व्यवस्थाओं को यात्रियों की संख्या और परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जरूरत के अनुसार लागू किया जाएगा। अभ्यर्थियों को यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन की समय-सारिणी और रेलवे की आधिकारिक सूचना की पुष्टि कर लेनी चाहिए।








