स्वामी प्रकाशानन्द ने श्री श्री रविशंकर जी के प्रवचनों के अंश सुनाते हुए समझाया कि श्री रुद्रम या रुद्र पूजा मंत्रों का एक ऐसा समूह है जो ब्रह्मांड में शिव तत्व (शिव ऊर्जा) का आह्वान करने और उसे स्लयं में धारण करने के लिए किया जाता है। ये मंत्र न केवल आध्यात्मिक, बल्कि भौतिक उन्नति और सुख-शान्ति के लिए बहुत फलदायी हैं।