Tag: साहित्य सुरभि

‘साहित्य सुरभि’ की नियमित मासिक काव्य गोष्ठी में बिखरे कविताई के चटख रंग, खूब बजीं तालियां

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। स्मृति शेष साहित्यकार राममूर्ति गौतम गगन द्वारा स्थापित साहित्यिक संस्था "साहित्य सुरभि" की 384वीं...

‘साहित्य सुरभि’ की मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने बिखेरे होली के चटख रंग

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। साहित्यिक संस्था "साहित्य सुरभि"की नियमित मासिक कवि गोष्ठी भोजीपुरा में हास्य कवि सरल कुमार...

साहित्य सुरभि की काव्य गोष्ठी में कवियों ने खूब जमाया रंग, सुकवि उपमेंद्र सक्सेना को ‘साहित्य गगन सम्मान’

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। वर्ष 1994 में राममूर्ति गौतम 'गगन' (अब स्वर्गवासी )द्वारा स्थापित और वाणीपुत्रों को निरंतर...

‘साहित्य सुरभि’ की 381वीं मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने कभी हंसाया तो कभी भक्तिसागर में लगवाए गोते

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। स्मृति शेष वरिष्ठ साहित्यकार राममूर्ति गौतम 'गगन' द्वारा स्थापित साहित्यिक संस्था 'साहित्य सुरभि' की...

कवियों ने गुदगुदाया, हंसाया तो भावविह्वल भी किया

बरेली में साहित्य सुरभि की यादगार नियमित काव्य गोष्ठी फ्रंट न्यूज नेटवर्क, बरेली। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था "साहित्य सुरभि" की नियमित...

बरेली में ‘साहित्य सुरभि’ की 377वीं मासिक काव्य गोष्ठी में हुई श्रृंगार, व्यंग और अध्यात्म की बरसात

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। प्रतिष्ठित 'साहित्यिक संस्था 'साहित्य सुरभि' की हर माह के तीसरे रविवार को होने वाली...

‘साहित्य सुरभि’ की 376वीं मासिक काव्य गोष्ठी में 25 कवियों ने चढ़ाए अनूठे काव्य प्रसून

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था' साहित्य सुरभि'की 376वीं मासिक काव्य गोष्ठी शहर के वरिष्ठतम साहित्यकार आदरणीय...

…कदम-कदम पर खड़े शिकारी दोनों हाथों जाल लिये!

बरेली में प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था साहित्य सुरभि की 375वीं नियमित मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने बिखेरे चटख रंग फ्रंट...

मुक्ति कब मिल पाएगी हिंदुत्व को इस व्याकरण से?

बरेली में 'साहित्य सुरभि' की 373वीं मासिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने कभी हंसाया-गुदगुदाया, कभी जगाया तो कभी चेताया...

‘साहित्य सुरभि’ की 372वीं मासिक काव्य गोष्ठी में होली के रंगों में रँगे कवि

गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड 'धीर' ने की। मुख्य अतिथि गजेन्द्र सिंह और विशिष्ट अतिथि-राम कुमार भारद्वाज अफ़रोज़' रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि-पत्रकार गणेश 'पथिक' एवं वरिष्ठ साहित्यकार रजत कुमार भी मंचासीन रहे। गोष्ठी का काव्यमय सफल संचालन संस्थाध्यक्ष राम कुमार कोली ने किया।

‘साहित्य सुरभि’ की 371वीं मासिक काव्य गोष्ठी में बही हास्य-व्यंग, भक्ति, ओज और राष्ट्रप्रेम की मंदाकिनी

बेहद ही खूबसूरत और सटीक काव्यमय संचालन कर रहे चर्चित ग़ज़लकार और कवि राज मिश्र 'ग़ज़लराज' की यह सम-सामयिक ग़ज़ल भी खूब सराही गई- ज़िन्दगी में सिर्फ झंझावात हैं कुछ कीजिए, हादसा दर हादसा हालात हैं कुछ कीजिए। सत्यता पर छा रहीं फिर साजिशों की आंधियां, ग़ुम रहे पीकर के विष सुकरात हैं कुछ कीजिए।

संस्थापक अध्यक्ष मूर्धन्य साहित्यकार गोलोकवासी ‘गगनजी’ को समर्पित रही ‘साहित्य सुरभि’ की 370वीं श्रद्धांजलि काव्य गोष्ठी

अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठतम कवि-साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ 'धीर' की इस ग़ज़ल के हर शेअर पर काव्य रसिक देर तक वाहवाह करते और तालियां बजाते रहे- तुम क्या गए चमन के नज़ारे चले गए। महफिल से उठके दर्द के मारे चले गए। पानी के साथ बहके किनारे चले गए। जैसे भी गुजरी उम्र गुजारे चले गए।