03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

करूर भगदड़ मामले में नया मोड़, सीबीआई ने विजय को फिर किया तलब

Spread the love

एफएनएन, नई दिल्ली : करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को मंगलवार को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है। इससे पहले उनसे 12 और 19 जनवरी को पूछताछ हो चुकी है। 27 सितंबर 2025 को करूर में उनकी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए मंगलवार को फिर से तलब किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इससे पहले अभिनेता से 12 और 19 जनवरी को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है। जांच के दौरान सीबीआई को कुछ नए तथ्यों और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए विजय को दोबारा बुलाया गया है।

इसी के मद्देनजर उन्हें एक नया नोटिस जारी किया गया है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई उस दुखद भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच

यह मामला मूल रूप से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा संभाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली। सीबीआई इस मामले से संबंधित सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके।

न्यायिक निगरानी और निष्पक्ष जांच पर जोर

पिछले साल अक्तूबर में, शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति का गठन भी किया गया था, जिसका उद्देश्य सीबीआई की जांच की निगरानी करना है।

जनता के विश्वास को बहाल करने का प्रयास

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे के महेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया था कि करूर भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा था कि इस घटना का नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और उन परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। पीठ ने यह भी कहा था कि आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया में आम जनता के विश्वास और भरोसे को बहाल किया जाना चाहिए।

Hot this week

Dhami cabinet का बड़ा फैसला, अरेबिया मदरसों का सरकारी अनुदान होगा बंद

एफएनएन, देहरादून : Dhami cabinet मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...

Mussoorie से लौटते समय युवक गहरी खाई में गिरा, SDRF और पुलिस ने किया रेस्क्यू

एफएनएन, देहरादून : Mussoorie से देहरादून लौट रहे एक...

LUCC chitfund घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

एफएनएन, देहरादून : LUCC chitfund उत्तराखंड के चर्चित LUCC...

Topics

Dhami cabinet का बड़ा फैसला, अरेबिया मदरसों का सरकारी अनुदान होगा बंद

एफएनएन, देहरादून : Dhami cabinet मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...

Cheque Bounce मामले में 3 महीने जेल, 7.35 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया गया

एफएनएन, नई दिल्ली : Cheque Bounce बॉलीवुड अभिनेता राजपाल...

Dehradun में केसी वेणुगोपाल का बीजेपी पर हमला, बोले- जनता बदलाव चाहती है

एफएनएन, देहरादून : Dehradun अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC)...

17 july को देहरादून आएंगे राहुल गांधी, छात्रों और युवाओं से करेंगे सीधा संवाद

एफएनएन, देहरादून : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img