03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

करूर भगदड़ मामले में नया मोड़, सीबीआई ने विजय को फिर किया तलब

Spread the love

एफएनएन, नई दिल्ली : करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को मंगलवार को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है। इससे पहले उनसे 12 और 19 जनवरी को पूछताछ हो चुकी है। 27 सितंबर 2025 को करूर में उनकी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए मंगलवार को फिर से तलब किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इससे पहले अभिनेता से 12 और 19 जनवरी को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है। जांच के दौरान सीबीआई को कुछ नए तथ्यों और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए विजय को दोबारा बुलाया गया है।

इसी के मद्देनजर उन्हें एक नया नोटिस जारी किया गया है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई उस दुखद भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच

यह मामला मूल रूप से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा संभाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली। सीबीआई इस मामले से संबंधित सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके।

न्यायिक निगरानी और निष्पक्ष जांच पर जोर

पिछले साल अक्तूबर में, शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति का गठन भी किया गया था, जिसका उद्देश्य सीबीआई की जांच की निगरानी करना है।

जनता के विश्वास को बहाल करने का प्रयास

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे के महेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया था कि करूर भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा था कि इस घटना का नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और उन परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। पीठ ने यह भी कहा था कि आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया में आम जनता के विश्वास और भरोसे को बहाल किया जाना चाहिए।

Hot this week

Haridwar जमीन घोटाले में कार्रवाई के बाद IAS कर्मेंद्र सिंह और PCS अजयवीर को मिली नई तैनाती

एफएनएन, देहरादून : Haridwar उत्तराखंड शासन ने दो अधिकारियों...

kalsi में बड़ा हादसा: 35 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, पांच पर्यटक गंभीर घायल

एफएनएन, देहरादून : kalsi उत्तराखंड के कालसी थाना क्षेत्र...

Topics

kalsi में बड़ा हादसा: 35 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, पांच पर्यटक गंभीर घायल

एफएनएन, देहरादून : kalsi उत्तराखंड के कालसी थाना क्षेत्र...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img