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पुलिसवालों ने चौकी में कारोबारी को पीटा और 50 हजार वसूले, मामला खुला तो पैरों के तले से जमीन खिसकी

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एफएनएन: राजधानी लखनऊ में पुलिस का वसूली का खेल जारी है। ताजा मामला सरोजनीनगर की ट्रांसपोर्ट नगर चौकी का है। यहां तैनात ट्रेनी दरोगा और कुछ सिपाही बृहस्पतिवार सुबह एक मौरंग कारोबारी को घसीटते हुए चौकी ले गए और पिटाई कर एक लाख रुपये मांगे। इसके बाद 50 हजार रुपये वसूल लिए। फिर शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए छोड़ दिया। पीड़ित ने सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की है, जिसके बाद एक सिपाही को निलंबित कर एसीपी कृष्णानगर को जांच के आदेश दिए गए।

पारा के प्रगति विहार इलाके में ओम जी तिवारी रहते हैं। उनके मुताबिक बुधवार सुबह करीब पांच बजे उनका ट्रक मौरंग लेकर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मंडी की नौ नंबर पार्किंग पहुंचा। ओम भी वहां पहुंचे। उनका आरोप है कि कुछ देर में ट्रांसपोर्ट नगर चौकी के ट्रेनी दरोगा अनुज, सिपाही शिवानंद और तीन अन्य पुलिसवाले आए और बिना किसी कारण उन्हें घसीटते हुए चौकी ले गए। विरोध जताने पर उन्हें लात मारकर जमीन पर बैठा दिया।

ओम तिवारी ने चौकी लाने का कारण पूछा तो पुलिसवालों ने अपशब्द कहते हुए कारोबार करने के एवज में एक लाख रुपये मांगे। पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम दे पाने में असमर्थता जताई तो पुलिसवालों ने रकम आधी कर दी। जान बचाने के लिए कारोबारी ने 50 हजार नकद पुलिसवालों को दे दिए।

कारोबारी का आरोप है कि पुलिसवालों ने मुंह खोलने और किसी से शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए छोड़ा। इसके बाद पीड़ित ने मुख्यमंत्री के नाम शिकायती पत्र लिखा। शुक्रवार को यह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिसवालों का खेल उजागर हुआ। डीसीपी साउथ तेज स्वरूप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। एसीपी कृष्णानगर को जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोपी सिपाही शिवानंद को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। ट्रेनी दरोगा व अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में अभी तक पता चला है कि सिपाही शिवानंद ट्रेनी दरोगा को जांच के बहाने अपने साथ ले गया था।

मामला रफा-दफा करने की भी कोशिश
कारोबारी ओम जी तिवारी के साथ हुई घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आरोपी पुलिसवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पहले मौर्या नाम के बिचौलिए के माध्यम से पीड़ित से संपर्क कर उन्हें चौकी बुलाकर रुपये वापस ले जाने की बात कही गई। हालांकि, पीड़ित ने इससे इन्कार कर दिया। ऑडियो में सुनाई दे रहा है कि कारोबारी ने बिचौलिए से साफ कहा कि सम्मान से बढ़कर रुपये नहीं हैं। दूसरा ऑडियो आरोपी सिपाही शिवानंद और पीड़ित के बीच का है। इसमें सिपाही शिकायत के संबंध में सवाल-जवाब करता सुनाई पड़ रहा है।

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