एफएनएन, लक्सर : हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। परियोजना के दायरे में आने वाले 12 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, बैनामा और भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी बदलाव या नए निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रतिबंधित गांवों में मदारपुर, मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौडोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचंदवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया शामिल हैं। इन गांवों में अब जमीन की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री-बैनामा, कृषि भूमि को गैर-कृषि भूमि में बदलने और नए निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक रहेगी।
विशेष भूमि अध्यापन अधिकारी आकाश जोशी के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) रुड़की द्वारा पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे (शामली-पुवायां फेज-1) परियोजना के तहत किलोमीटर 20 से 32 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत प्रारंभिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर भूमि अधिग्रहण की सूचना मिलने के बाद बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने, निर्माण कार्य शुरू करने या भू-उपयोग बदलने की कोशिशें होती हैं, जिससे मुआवजे और स्वामित्व को लेकर विवाद पैदा हो सकते हैं। इन्हीं संभावित समस्याओं को रोकने के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह आदेश राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3ए की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि हाईवे परियोजना का कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके। वहीं स्थानीय लोगों और किसानों को उम्मीद है कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में विकास और बेहतर संपर्क सुविधाओं का लाभ मिलेगा।






