एफएनएन, उत्तरकाशी : Uttarkashi जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते फंसे ट्रेकरों के लिए राहत की खबर है। गंगोत्री नेशनल पार्क के गोमुख-तपोवन ट्रेक पर फंसे 121 ट्रेकरों को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गंगोत्री धाम पहुंचा दिया।
बताया गया कि ये सभी ट्रेकर पिछले दो से तीन दिनों के दौरान गोमुख और तपोवन क्षेत्र में ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए गए थे। शनिवार दोपहर बाद क्षेत्र में अचानक तेज बर्फबारी शुरू हो गई, जिसके चलते ट्रेक के कई हिस्सों में आवाजाही मुश्किल हो गई और ट्रेकरों की सुरक्षित वापसी चुनौती बन गई।
भारी बर्फबारी के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
गोमुख-तपोवन क्षेत्र में बर्फबारी की सूचना के बाद प्रशासन और वन विभाग ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गंगोत्री नेशनल पार्क के कनखू बैरियर प्रभारी वन दारोगा राजवीर रावत ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर रविवार को टीम को ट्रेकरों को सुरक्षित निकालने के लिए रवाना किया गया।
लगातार बर्फबारी के कारण ट्रेक के कई हिस्सों में हिमस्खलन का खतरा भी बना हुआ था। ऐसे में वन विभाग की टीम ने मौसम और रास्ते की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी के साथ अभियान चलाया।
सभी 121 ट्रेकरों को सुरक्षित निकाला
वन विभाग की टीम ने अभियान के दौरान गोमुख और तपोवन क्षेत्र में मौजूद सभी 121 ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें गंगोत्री धाम पहुंचाया गया, जहां से सभी ट्रेकरों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
राजवीर रावत के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान टीम ने लगातार मौसम और ट्रेक की स्थिति पर नजर बनाए रखी और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
136 ट्रेकरों के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन
उत्तरकाशी के अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 136 ट्रेकरों के लिए भी रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के 89 सदस्य, कालिंदी पास बेस कैंप में हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग के 18 सदस्य और ऑडन कोल पास बेस कैंप में मौजूद 29 सदस्य शामिल हैं।
इन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए हर्षिल से तीन हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 21 ट्रेकरों को रेस्क्यू कर हर्षिल पहुंचाया जा चुका है।
दो दिन बाद फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा
खराब मौसम के चलते पिछले दो दिनों से रोकी गई चारधाम यात्रा भी सोमवार, 28 सितंबर को मौसम साफ होने के बाद दोबारा शुरू कर दी गई। बारिश थमने के बाद यमुनोत्री हाईवे पर श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
चारधाम यात्रा नियंत्रण संगठन, ऋषिकेश के निर्देशों के क्रम में प्रतिकूल मौसम के कारण यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। मौसम अनुकूल होने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्या के निर्देश पर रोक हटा दी गई और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा फिर से शुरू कर दी गई।
यात्रा मार्गों पर प्रशासन की नजर
यात्रा शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने पुलिस और तहसील प्रशासन को यात्रा व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों और यात्रा नोडल अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान देने के साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा गया है।
अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए मौसम और सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम साफ होने के बाद गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे सहित अन्य यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य होने लगी है, हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी है।








