Tuesday, March 17, 2026
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वैष्णवी शक्तिपीठ आश्रम में राजवीर शास्त्री जी महाराज ने कथा के माध्यम से भगवान शिव और श्री कृष्ण के अलग-अलग रूपों का किया वर्णन

एफएनएन, रुद्रपुर : आदर्श कॉलोनी स्थित वैष्णवी शक्तिपीठ आश्रम ( डेरा पूज्यनीय स्वर्ग फार्म वाली देवी जी का ) में चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को राजवीर शास्त्री जी महाराज ने कथा के माध्यम से भगवान शिव और श्री कृष्ण के अलग-अलग रूपों का अपनी मधुर वाणी से वर्णन किया। जड़ भरत एवं कपिल देवहुति संवाद, सत्य और वक्त पर परिचर्चा करते हुए समय का सदुपयोग करते हुए भगवान का स्मरण करने को कहा, क्योंकि जो समय बीत गया वो कल नहीं आएगा, अत: मनुष्य का सबसे कीमती चीज वक्त है, जो पैसे से भी नहीं खरीदा जा सकता।

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भक्तों को कथामृत का रसपान कराते हुए उन्होंने कहा कि जड़ भरत जब तक संसार में रहे, अपने आचरण और व्यवहार से अपने ज्ञान को प्रकट करते रहे। जब अंतिम समय आया, तो चिरनिद्रा में सो गए, ब्रह्म में समा गए। यह सारा जगत ब्रह्म से निकला है और ब्रह्म में ही समा जाता है। ब्रह्म की इस लीला को जो समझ पाता है, उसी को जगत में सुख और शांति प्राप्त होती है।


स्वामी जी ने कपिल मुनि प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सदाचार का पालन करना ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। भगवान एक है किंतु उसके रूप अनेक हैं। प्रभु घट घट में विराजमान है। भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिल सकता है। उन्होंने कहा कि धर्म की जड़ सदा हरी रहती है।परमात्मा को पाने का साधन है प्रेमशास्त्री जी ने आगे कहा कि सत्य के मार्ग पर चलने वालों की कभी हार नहीं होती। प्रेम ही परमात्मा का स्वरूप है और परमात्मा को प्रेम प्रिय है। परमात्मा को पाने का साधन प्रेम ही है और प्रेम को प्रकट करने के लिए परमात्मा की कथा सुनना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि अन्न का कण और संत का क्षण बहुमुल्य होता है। कथा वाचक ने कहा कि भागवत के मुख्य श्रोता हैं राजा परीक्षित, उनको श्राप के कारण श्री सुखदेवजी ने सात दिन की भागवत कथा का श्रवण कराया। राजा परीक्षित का सात दिनों के अंदर निधन हो जाता है, यानि कि सात दिन में ही मनुष्य शरीर को छोड़ता है।

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संगीत पर थिरके भक्त भागवत कथा के दौरान हुए भजन संगीत कार्यक्रम एवं धार्मिक धुन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। आज के मुख्य यजमान शशि अरोड़ा , काका अरोरा , जितेंद्र अरोरा व उनके सम्पूर्ण परिवार ने पूजन कराया साथ ही साथ हंसेश्वरी देवी जी ने सभी भक्तो को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर महंत महंत मनीष सलूजा जी , महंत भजन प्रकाश अरोरा , श्याम खुराना , सतनाम सिंह , राजेश आनंद , राजीव ग्रोवर , लक्ष्य शर्मा , शोकी , मंगल ग्रोवर , रेशम ग्रोवर , जाया आनंद ,आशा अरोड़ा , प्रीति ग्रोवर , सीमा शर्मा , कंचन आदि उपस्थित थे ।ने पहुं कर पूज्यनीय स्वर्ग फार्म वाली देवी जी से आशीर्वाद लिया।

 

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