03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

नीट यूजी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई आज

एफएनएन, नई दिल्ली: नीट यूजी परीक्षा 2024 को रद्द करने समेत अन्य मांगों को लेकर आज फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. चीज जस्टिस चंद्रचूड़ सिंह की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई होगी. यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस और दो अन्य जजों में शामिल जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ सुनवाई करेगी. बता दें कि परीक्षा में व्यापक स्तर पर धांधली के आरोप लगाए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. इन याचिकाओं में 5 मई को हुई परीक्षा में अनियमितताओं और कदाचार का आरोप लगाते हुए नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने के लिए अदालत से निर्देश देने की मांग शामिल है. यह परीक्षा भारत भर में सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रव्यापी परीक्षा है.

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स देने में गड़बड़ियों सहित धांधली के आरोपों ने पूरे भारत में मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच आक्रोश को जन्म दिया है. अभूतपूर्व रूप से 67 छात्रों ने शुरू में पूर्ण 720 अंक प्राप्त किए, जिसमें हरियाणा के एक ही केंद्र से 6 टॉप स्कोरर होने से धांधली का संदेह था. परिणाम निर्धारित तिथि से 10 दिन पहले 4 जून को घोषित किए गए.

सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने बड़े पैमाने पर गोपनीयता के उल्लंघन के सबूतों की कमी और हजारों ईमानदार उम्मीदवारों पर संभावित नकारात्मक प्रभाव का हवाला देते हुए परीक्षा को रद्द करने के खिलाफ तर्क दिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अदालत को दिए अपने हलफनामे में कहा है कि गोपनीयता के किसी बड़े पैमाने पर उल्लंघन के सबूतों के आभाव में घोषित परिणामों को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा.

11 जून को इसी तरह की एक याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि परीक्षाओं की पवित्रता प्रभावित हुई है और हमें जवाब चाहिए. न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने एनटीए के वकील से कहा, ‘पवित्रता प्रभावित हुई है, इसलिए हमें जवाब चाहिए. याचिकाओं में परीक्षा को रद्द करने, दोबारा परीक्षा कराने और परीक्षा को लेकर उठाए गए मुद्दों की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है.

यह परीक्षा 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर 23 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने दी थी. इस बीच, सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में दर्ज आरोपों और मामलों की जांच शुरू कर दी है. सरकार ने एनटीए द्वारा पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के उपायों का प्रस्ताव देने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. एजेंसी के अध्यक्ष को भी बदल दिया गया है.

ये भी पढ़ें…भारी बारिश से लालकुआं में रेलवे ट्रैक डूबा, कई ट्रेनें कैंसिल, कई हुईं रीशेड्यूल, देखिए लिस्ट

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img