03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

अधर में लटक गया शासन का तबादला आदेश, सचिव के फैसले से हैरान पंचायतीराज महकमा

Spread the love

एफएनएन, देहरादून: पंचायती राज विभाग इन दिनों ऐसे कई फैसलों को लेकर सुर्खियों में है, जिन्हें नियम कानून के विपरीत माना जा रहा है. ताजा मामला अधर में लटके उन ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के तबादले से जुड़ा है, जिन्हें शासन ने बिना निदेशालय की जानकारी के ही स्थानांतरित कर दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जिला कैडर के पद हैं और स्थानांतरण आदेश में इन्हें एक जिले से दूसरे जिले में तैनाती दे दी गई.

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

उधर इस आदेश के जारी होने के बाद पंचायती राज विभाग में अधिकारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. हालांकि पंचायतीराज सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल के इस आदेश के बाद निदेशक पंचायतीराज निधि यादव ने स्थानांतरित किए गए अधिकारियों को निदेशालय में अटैच करने के आदेश जारी किए हैं.

Panchayati Raj Department

पहले पंचायतीराज सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल के ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करना और फिर निदेशक निधि यादव द्वारा इस आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए इस पर रोक लगाना शासन और निदेशालय के बीच की खींचतान को बढ़ा रहा है. हालांकि जो तथ्य निदेशालय स्तर पर रखे गए हैं, उससे सचिव पंचायती राज हरिश्चंद्र सेमवाल के तबादले से जुड़े आदेश नियमों से उलट दिखाई दे रहे हैं. निदेशालय स्तर पर लिखे गए पत्र से स्पष्ट है कि शासन के इस निर्णय से न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ है, बल्कि इससे जिला स्तर पर संबंधित पद में रोस्टर भी प्रभावित होगा. इतना ही नहीं कुछ जिलों में स्वीकृत पद के सापेक्ष तैनात अधिकारियों की संख्या भी अधिक हो जाएगी.

Panchayati Raj Department

इन्हीं स्थितियों को देखते हुए निदेशालय पंचायती राज ने शासन के आदेश पर एक बार फिर विचार करने के लिए कहा है. एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि पंचायती राज सचिव ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के ताबड़तोड़ तबादले आचार संहिता लगने से ठीक पहले किए. पंचायती राज सचिव हरिश्चंद्र सेमवाल द्वारा किए गए इन तबादलों के पीछे की वजह को जानने के लिए ईटीवी भारत की टीम सचिव के कार्यालय में भी उनसे मिलने पहुंची, लेकिन उनसे मुलाकात नही हो पाई. वहीं, दूसरी तरफ शासन स्तर पर जिला कैडर के अधिकारियों को दूसरे जिले में स्थानांतरित करने के बाद सूची में शामिल अधिकारी भी असमंजस में आ गए हैं. हालांकि लोकसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है, लेकिन 6 जून को आचार संहिता समाप्त होने के बाद इसपर कोई बड़ा फैसला होना संभव है.

ये भी पढ़ें-जंगल की आग में झुलसी महिला ने तोड़ा दम, परिजनों में शोक की लहर

Hot this week

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Chakrata जा रहे पर्यटकों की कार 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, दो की मौत, तीन गंभीर

एफएनएन, देहरादून : Chakrata उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में...

Topics

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Chakrata जा रहे पर्यटकों की कार 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, दो की मौत, तीन गंभीर

एफएनएन, देहरादून : Chakrata उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में...

Rishikesh में बेटे ने मां को मारी गोली, घरेलू विवाद के बाद सनसनी

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh के आईडीपीएल चौकी क्षेत्र स्थित...

Cm Pushkar Singh Dhami ने पूरे किए 5 साल, 9 जुलाई को बनाएंगे सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img