03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने तलब की सचिव की एसीआर, सीएम धामी तक पहुंचा मामला

Spread the love

एफएनएन, देहरादून : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में विभागीय मंत्री रेखा आर्य के अनुमोदन के बिना विभागीय सचिव की ओर से नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन को छुट्टी पर भेजने और छह जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादलों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। खाद्य मंत्री ने गुरुवार को इस मामले में सचिव सचिन कुर्वे की गोपनीय प्रविष्टि से संबंधित मूल पत्रावली तलब की है।

मंत्री रेखा आर्य ने सचिव कार्मिक को पत्र लिखकर खाद्य विभाग के सचिव एवं आयुक्त सचिन कुर्वे की गोपनीय प्रविष्टि से संबंधित मूल पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। मंत्री ने कहा कि 20 जून को खाद्य आयुक्त ने उनके अनुमोदन के बिना नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारी को अनिवार्य छुट्टी पर भेजा। इस पर उन्होंने इस आदेश को रद्द करने एवं इस पर उनका अनुमोदन कराने के लिए उनका जवाब तलब किया था।

खाद्य आयुक्त व विभागीय सचिव ने उनके निर्देश को मानने के बजाए उसी दिन छह जिला पूर्ति अधिकारियों के उनके अनुमोदन के बिना तबादले कर दिए। तबादले इतनी जल्दबाजी में किए गए हैं कि इससे संबंधित बैठक के कार्यवृत्त में 22 जून 2022 की तिथि के बजाय 22 जून 2019 की तिथि लिखी गई है। संबंधित अधिकारियों ने भी बिना देखे इस पर हस्ताक्षर कर दिए।

  • इन अधिकारियों के तबादलों का है मामला 

खाद्य आयुक्त ने उनके कार्यालय में संबद्ध श्याम आर्य का पिथौरागढ़, मुकेश कुमार को हरिद्वार, देहरादून के जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी का चमोली, हरिद्वार के जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल का रुद्रप्रयाग, नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन को बागेश्वर और रुद्रप्रयाग के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल का नैनीताल तबादला किया है।

  • सचिव ने आनन-फानन में कर दिए अधिकारियों के तबादले: रेखा 
 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभाग में जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादलों के लिए तबादला प्रक्रिया को अपनाए बिना आनन-फानन में तबादले किए गए हैं। तबादलों के लिए पात्र अधिकारियों की विभाग की वेबसाइट पर न सूची जारी हुई न ही संबंधित अधिकारियों से तबादलों के लिए दस विकल्प लिए गए। मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि तबादलों में पारदर्शिता के लिए सरकार की ओर से तबादला एक्ट बनाया गया है। एक्ट के मुताबिक 30 अप्रैल तक विभागाध्यक्ष को मानक के अनुसार कार्यस्थल चिह्नित करने थे, एक मई तक शासन, विभागाध्यक्ष, मंडल और जिला स्तर पर तबादला समितियों का गठन होना था, 15 मई तक हर संवर्ग के लिए सुगम और दुर्गम स्थल तय होने थे। 20 मई तक अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र कार्मिकों से 10 इच्छित स्थानों के लिए विकल्प मांगे जाने थे। 31 मई तक अनुरोध के आधार पर आवेदन मांगे जाने थे।

25 से पांच जुलाई तक तबादला समिति की बैठक होनी थी। इसके बाद 10 जुलाई तक तबादला आदेश जानी होना था, लेकिन विभागीय सचिव ने तबादला एक्ट के मुताबिक प्रक्रिया को अपनाए बिना सारी कार्रवाई मात्र डेढ़ घंटे में पूरी कर दी। मंत्री ने कहा कि आयुक्त व सचिव की ओर से एक्ट में दी गई प्रक्रिया का पालन न कर इसका उल्लंघन किया गया है। विभागीय मंत्री का यह दायित्व है कि यदि उसे विभाग के किसी भी निर्णय में कहीं से भी किसी निजी स्वार्थ व भ्रष्टाचार की आशंका हो तो ऐसे आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए। मंत्री ने कहा कि इस मामले में सचिव व आयुक्त ने न सिर्फ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के अधिकारों का हनन किया बल्कि सरकार के तबादला एक्ट का उल्लंघन किया है। वहीं विभागीय मंत्री के आदेशों की अनदेखी की गई है।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पहुंचा मामला 
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस मामले में सचिव ने उनके निर्देश की अनदेखी की है। जिससे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अवगत करा दिया गया है। मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं। उनके सामने पूरी स्थिति रखी गई है।

 

  • मंत्री के निर्देश के बाद भी रद्द नहीं हुए तबादले 
खाद्य मंत्री रेखा आर्य के निर्देश के बाद भी अब तक छह जिला पूर्ति अधिकारियों के तबादले रद्द नहीं हुए। मंत्री ने कहा कि विभाग में उनके आदेश की अनदेखी की जा रही है।
  • मंत्री को लिखित में दे दी गई मांगी गई जानकारी: कुर्वे 
खाद्य सचिव एवं आयुक्त सचिन कुर्वे के मुताबिक सभी अधिकारियों के तबादले तबादला एक्ट के तहत किए गए हैं। विभागीय मंत्री की ओर से इस मामले में उनसे जो जानकारी मांगी गई थी। बृहस्पतिवार को उससे विभागीय मंत्री को लिखित में अवगत करा दिया गया है।

 

  • बिना बायोमीट्रिक राशन मामले में छुट्टी पर भेजे गए थे वर्मन 
 नैनीताल के जिला पूर्ति अधिकारी मनोज वर्मन को 10 दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेजने से विभागीय मंत्री नाराज हैं। इसके बाद अधिकारियों के तबादलों से पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ा हुुआ है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नैनीताल जिले में कई दुकानों में बिना बायोमीट्रिक के लोगों को राशन दिया जा रहा था। हाल ही में हुई बैठक में इस प्रकरण का खुलासा हुआ था। बताया गया कि 26 राशन की दुकानों में बायोमेट्रिक प्रतिशत शून्य था। जबकि 163 दुकानों में बायोमीट्रिक प्रतिशत मात्र 15 से 17 फीसदी था। इस पर विभागीय सचिव ने संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी को दस दिन की अनिवार्य छुट्टी पर भेजा था।

Hot this week

15 सितंबर से फिर शुरू होगी केदारनाथ हेली सेवा, DGCA की बैठक में होगा फैसला

एफएनएन, देहरादून : Kedarnath चारधाम यात्रा के दूसरे चरण...

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

rudrapur ARTO में बड़ा खुलासा, एक नंबर की दो Swift Dzire और चेसिस नंबर भी निकला समान

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur के संभागीय परिवहन कार्यालय में...

Topics

Kusumkheda में नाबालिग से आपत्तिजनक हरकत का आरोप, आरोपी पुलिस हिरासत में

एफएनएन, हल्द्वानी : Kusumkheda हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा क्षेत्र में नाबालिग...

rudrapur ARTO में बड़ा खुलासा, एक नंबर की दो Swift Dzire और चेसिस नंबर भी निकला समान

एफएनएन, रुद्रपुर : rudrapur के संभागीय परिवहन कार्यालय में...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img