एफएनएन, देहरादून : cm-dhami देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी सौगात दी है। मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के पहले चरण में उत्तराखंड के करीब 11 हजार छात्र-छात्राओं को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा खास फायदा
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही रणनीति, बेहतर मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के आड़े नहीं आने दी जाएगी।
34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके मुताबिक पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल युवाओं को नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला बनाना भी है। इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

युवाओं के लिए बनेगा अलग ‘युवा आयोग’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है और कई युवा गांवों में लौटकर कृषि, बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े व्यवसाय शुरू कर रहे हैं। सरकार युवाओं को प्रदेश के विकास और नीतियों में भागीदार बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सुझाव लिए जा रहे हैं। युवाओं की आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए प्रदेश में अलग ‘युवा आयोग’ गठित किया जाएगा।
स्क्रीनिंग परीक्षा के आधार पर होगा चयन
योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित पात्रता के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। मेधावी और टॉपर विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित विद्यार्थियों को संबंधित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
लाइव क्लास के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं
योजना में विद्यार्थियों को सिर्फ लाइव ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, विषयवार प्रश्न बैंक, ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार रिकॉर्डेड कक्षाओं को दोबारा देख सकेंगे। नियमित टेस्ट के जरिए उनकी तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा और कमजोर विषयों पर अतिरिक्त अभ्यास का अवसर मिलेगा।
प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा प्रशिक्षण
गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए स्टडी आईक्यू दिल्ली, महेंद्र प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ और दून ड्रीमर्स देहरादून जैसे संस्थानों का चयन किया गया है। इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षक और विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराएंगे।
इसके अलावा देश के अनुभवी प्रोफेशनल ट्यूटर और विषय विशेषज्ञों को भी इस अभियान से जोड़े जाने की योजना है, ताकि उत्तराखंड के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन मिल सके।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
- ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
- जरूरी जानकारी और दस्तावेज अपलोड कर आवेदन करना होगा।
- ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल होना होगा।
- पात्रता और परीक्षा प्रदर्शन के आधार पर चयन होगा।
- चयनित विद्यार्थियों को निशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा मिलेगी।
- रिकॉर्डेड लेक्चर और डिजिटल स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा।
- ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट से तैयारी का आकलन होगा।
- जरूरत के अनुसार विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार और डिजिटल शिक्षा को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस साल से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। वहीं ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।







