एफएनएन, चमोली : Badrinath धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल की चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में पुरसाड़ी जेल भेज दिया है। इस बीच पुलिस जांच में कई नए साक्ष्य भी सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान प्रमोद नौटियाल के देहरादून स्थित आवास और अन्य स्थानों पर तलाशी ली गई। जांच के दौरान उसके घर से चांदी की एक मूर्ति, पीली धातु की एक वस्तु, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी बरामद की गई। इससे पहले बदरीनाथ स्थित उसके कमरे से चांदी के सिक्के और नेपाली मुद्रा भी मिली थी, जिन्हें जांच के दायरे में रखा गया है।
प्रमोद नौटियाल पर दान गणना के दौरान चढ़ावे में कथित गड़बड़ी करने का आरोप है। उसे 28 जुलाई 2026 को पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ज्योतिर्मठ न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरा कौसर की अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
इधर, शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति भी मामले की समानांतर जांच कर रही है। समिति ने वर्तमान मंदिर अधिकारी के साथ गणना कक्ष और प्रोटोकॉल कक्ष से जुड़े कर्मचारियों को पूछताछ के लिए देहरादून तलब किया है, ताकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस अब इस मामले के सह-आरोपी राजेंद्र चौहान की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच करेगी। राजेंद्र चौहान, जो 30 जून को बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) से सेवानिवृत्त हुए थे, दान गणना व्यवस्था के नोडल अधिकारी भी रह चुके हैं। मामले में नाम सामने आने के बाद वह भी न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







