एफएनएन, देहरादून : Harish Rawat पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी एवं वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना से जुड़े मामले पर एक बार फिर सफाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में रावत ने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसा नहीं लिया। उनका कहना है कि उन्होंने किसी से काम कराने के बदले पैसे लेना तो दूर, उसकी चाय या पानी तक नहीं पिया।
रावत ने कहा कि उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है और उम्र के इस पड़ाव पर उन पर कलंक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हजारों लोगों के काम के लिए सिफारिश की है, लेकिन इसके बदले कभी पैसे नहीं लिए।
बोले- मेरे खिलाफ पहले भी चलाया गया दुष्प्रचार
हरीश रावत ने अपने बयान में वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में उनके खिलाफ जुमे की नमाज के लिए छुट्टी देने का प्रचार किया गया था, जबकि 2022 में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने के वादे से जुड़ी बातें सामने लाई गईं।
रावत ने कहा कि इन आरोपों के समर्थन में अब तक कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में भी उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से वह आहत हैं और इस कथित कलंक के साथ जीवन समाप्त नहीं करना चाहते।
चंदन सिंह जीना के परिवार की जताई चिंता
रावत ने अपने पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीना लंबे समय तक उनके साथ काम करते रहे और कई जिम्मेदारियां संभालीं। ED की कार्रवाई के बाद जीना की संपत्ति और सामान सीज किए जाने का जिक्र करते हुए रावत ने उनके परिवार और बच्चों की चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि जीना को अपने बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आजीविका चलानी है। रावत ने यह भी कहा कि उनके पास खुद इतने संसाधन नहीं हैं कि वह अपने घर का खर्च आसानी से उठा सकें, इसलिए चंदन के परिवार को लेकर उन्हें चिंता हो रही है।
ED कार्रवाई के बाद सामने आया था मामला
यह मामला चंदन सिंह जीना के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद चर्चा में आया। ED ने 2016 के उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत देहरादून में कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक, जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं।
जीना वर्ष 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते उनके ओएसडी रहे थे और वर्तमान में उनके निजी सहायक के रूप में काम कर रहे हैं।
रावत ने कांग्रेस के पद छोड़ने की बात कही थी
ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस संगठन में अपने दो पदों से हटने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह नहीं चाहते कि उनके कारण पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कमजोर हो। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस छोड़ने का उनका इरादा नहीं है।
रावत ने चंदन सिंह जीना पर लगे आरोपों को लेकर भी कहा है कि यदि OMR शीट से छेड़छाड़ के आरोप साबित होते हैं तो उन्हें इस पर शर्मिंदगी होगी, लेकिन फिलहाल उन्हें इन आरोपों पर विश्वास नहीं है।







