एफएनएन, देहरादून : Shuddhikaran कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लगातार विरोध और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार को आखिरकार मामले में मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
यशपाल आर्य ने सवाल उठाया कि जब घटना को लेकर कार्रवाई की मांग पहले से की जा रही थी, तो एफआईआर दर्ज करने में एक महीने से अधिक का समय क्यों लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिस कार्रवाई की मांग कर रही थी, उसी मुद्दे को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
देहरादून में कांग्रेस के प्रदर्शन का किया जिक्र
यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने एक दिन पहले देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि दलित समाज के अपमान से जुड़े किसी भी मामले में सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी।उनके मुताबिक, कांग्रेस के दबाव के बाद सरकार ने अब शुद्धिकरण मामले में एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने इसे कांग्रेस के संघर्ष की जीत बताते हुए आगे भी मुद्दे को मजबूती से उठाने की बात कही।
राहुल गांधी पर दर्ज FIR को लेकर उठाया सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब सरकार ने स्वयं शुद्धिकरण मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, तो राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का आधार क्या रह जाता है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल रद्द करने और कथित तौर पर शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
दलित सम्मान और सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस भाजपा और आरएसएस की कथित दलित विरोधी सोच के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि दलित सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान के मूल्यों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ लोगों की भी नजर बनी हुई है।








