एफएनएन, दिल्ली : Kotdwar उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के मामले में जिम मालिक दीपक कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज FIR के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी। इसके साथ ही अदालत ने नैनीताल हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसमें दीपक को मामले से संबंधित पोस्ट, मैसेज या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से रोका गया था।
मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने दीपक की याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए फिलहाल यह अंतरिम आदेश दिया है। दीपक ने हाईकोर्ट द्वारा FIR रद्द करने से इनकार किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
अभिषेक मनु सिंघवी ने रखी दलील
सुप्रीम कोर्ट में दीपक कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि दीपक विवाद में तब शामिल हुए, जब बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में इस्तेमाल किए गए ‘बाबा’ शब्द पर आपत्ति जताई थी।
सिंघवी ने अदालत के सामने घटना से जुड़े वीडियो का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि जब मौके पर मौजूद लोगों ने दीपक से उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। इसके बाद वह बुजुर्ग दुकानदार की मदद के लिए आगे आए।
क्या था पूरा विवाद ?
यह मामला 26 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में सामने आया था। एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद की दुकान का नाम ‘बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर’ था। दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल पर बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई और दुकानदार से नाम बदलने को कहा।
इसी दौरान स्थानीय जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने दुकानदार के समर्थन में कथित तौर पर विरोध किया। मामले को लेकर मौके पर बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। जब कुछ लोगों ने दीपक से उनका नाम पूछा तो उन्होंने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताया।
दीपक ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि अगर दुकान लंबे समय से चल रही है तो सिर्फ दुकानदार के मुस्लिम होने के कारण उसके नाम पर आपत्ति क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज में भी ‘पीर बाबा’ जैसी धार्मिक मान्यताएं हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी रोक लगाई गई थी
दीपक की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि उन्होंने घटना को लेकर खुद शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई। वहीं, नैनीताल हाईकोर्ट ने उन्हें मामले से संबंधित संदेश, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के इस निर्देश पर भी रोक लगा दी है। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुनेगी।
विवाद का केंद्र था ‘बाबा’ शब्द
कोटद्वार में प्रसिद्ध सिद्धबली मंदिर होने के कारण क्षेत्र में कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के नाम में ‘बाबा’ शब्द का इस्तेमाल होता है। इसी वजह से मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे राजनीतिक और कानूनी मामले में बदल गया।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दीपक कुमार के खिलाफ FIR के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर रोक है। मामले में अंतिम फैसला आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।








