एफएनएन, श्रीनगर गढ़वाल : Srinagar पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका देते हुए श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी और उनके पति समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी के नेतृत्व में 10 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। सभी ने बुधवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा में शामिल होने वाले पार्षदों में विजय चमोली सोनू, मीना भारती, भावना चौहान, अंजनी भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र सिंह रावत, धर्म सिंह रावत और प्रवेश चमोली शामिल हैं। इनमें अनुराग चौहान और राजकुमार कांग्रेस से जुड़े पार्षद बताए गए हैं, जबकि अन्य पार्षद निर्दलीय हैं।
स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों के एक साथ भाजपा में शामिल होने को श्रीनगर की स्थानीय राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। इस कदम से आगामी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
आरती भंडारी ने बताया विकास और विचारधारा का फैसला
भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने कहा कि पार्टी में शामिल होना उनके लिए विचारधारा और विकास के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा उनके लिए नई नहीं है और वह पहले भी भाजपा परिवार का हिस्सा रह चुकी हैं।
आरती भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सहयोग से श्रीनगर नगर निगम के विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने अपने साथियों के साथ भाजपा में शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य श्रीनगर के विकास और जनता की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार और संगठन के सहयोग से श्रीनगर को और बेहतर और विकसित नगर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम किया जाएगा।
लखपत सिंह भंडारी ने भी रखी अपनी बात
मेयर आरती भंडारी के पति और समाजसेवी लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि भाजपा में शामिल होने का उद्देश्य क्षेत्र के विकास और जनसेवा को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है।
उन्होंने भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा, विकास की सोच और जनसेवा के संकल्प को पार्टी से जुड़ने का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि पार्षद साथियों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद जनता के मुद्दों को और मजबूती से उठाया जाएगा।
लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि श्रीनगर और पूरे गढ़वाल क्षेत्र के विकास के लिए संगठन और सरकार के साथ मिलकर काम करना उनका संकल्प है। उन्होंने युवाओं के लिए अवसर, महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और सनातन संस्कृति के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी काम करने की बात कही।
महेंद्र भट्ट बोले- कांग्रेस को जनता ने नकारा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं और पार्षदों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार बड़ी संख्या में लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं।
महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि आने वाले दिनों में भी भाजपा में शामिल होने का सिलसिला तेज होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और इसी वजह से लोग भाजपा के साथ आ रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य में भाजपा सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है और इसका राजनीतिक असर भी दिखाई दे रहा है।
धन सिंह रावत के लिए बढ़ी राजनीतिक ताकत
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र में मेयर सहित 10 पार्षदों का भाजपा में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीनगर विधानसभा सीट पर धन सिंह रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के बीच राजनीतिक मुकाबला लंबे समय से चर्चा में रहा है।
ऐसे में स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों का भाजपा के साथ आना धन सिंह रावत के लिए राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा इसे अपने जनाधार के विस्तार के रूप में पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस के सामने स्थानीय संगठन और राजनीतिक समीकरणों को मजबूत रखने की चुनौती बढ़ सकती है।
निर्दलीय चुनाव जीतकर बनी थीं मेयर
आरती भंडारी का राजनीतिक सफर भी इस पूरे घटनाक्रम को खास बनाता है। उत्तराखंड नगर निगम चुनाव 2025 में उन्हें भाजपा की ओर से मेयर पद का टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
अब आरती भंडारी ने एक बार फिर भाजपा के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया है। इससे पहले वह जिला पंचायत सदस्य और खिर्सू की ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उनके पति लखपत सिंह भंडारी भी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं।
मेयर और 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन स्थानीय निकाय के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने आने वाले चुनाव को लेकर नए समीकरणों की चर्चा जरूर शुरू कर दी है।








