एफएनएन, देहरादून/अल्मोड़ा : almora उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी युवा नवाचारक रवि टम्टा ने दावा किया है कि उन्होंने भारत का पहला पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल (Personal Flying Vehicle) तैयार किया है। रवि के अनुसार उनके प्रोटोटाइप का अल्मोड़ा में सफल परीक्षण भी किया गया है और उन्होंने इसकी उड़ान का प्रदर्शन भी किया।
रवि टम्टा का कहना है कि इस तकनीक का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को तेज और आसान बनाना है। उनके मुताबिक, जिस दूरी को सड़क मार्ग से तय करने में करीब 40 मिनट लगते हैं, वही दूरी उनके फ्लाइंग व्हीकल से महज 12 मिनट में पूरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि परीक्षण के दौरान मिले परिणाम उनके कई वर्षों की मेहनत और शोध का पहला बड़ा पड़ाव हैं।
रवि के अनुसार यह केवल एक वाहन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हवाई परिवहन की दिशा में विकसित किया गया एक प्रोटोटाइप है। उनका दावा है कि यह भारत में विकसित अपनी तरह का पहला Personal Flying Vehicle है। उनका सपना है कि भविष्य में छोटी दूरी की यात्रा के लिए लोग सड़क के साथ-साथ हवाई मार्ग का भी आसानी से उपयोग कर सकें।
हालांकि, रवि ने यह भी स्वीकार किया कि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है। किसी भी फ्लाइंग व्हीकल को आम लोगों के उपयोग या व्यावसायिक संचालन से पहले कई तकनीकी परीक्षणों, सुरक्षा मानकों और संबंधित सरकारी एजेंसियों की मंजूरी से गुजरना होगा। इसलिए फिलहाल इसे केवल प्रोटोटाइप स्तर का नवाचार माना जा रहा है।
रवि टम्टा इससे पहले भी अपने कई तकनीकी प्रयोगों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। उनके द्वारा विकसित मल्टीफंक्शनल स्टिक का उपयोग उत्तराखंड वन विभाग में किया जा रहा है। यह स्टिक मोबाइल चार्ज करने और टॉर्च की तरह काम करने में सक्षम बताई जाती है। इसके अलावा उन्होंने बोतल के भीतर बैटरी बनाकर बल्ब जलाने, इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन, मोबाइल चार्जिंग शूज़ और हेलीकॉप्टर के शुरुआती मॉडल जैसे कई प्रयोग किए हैं।
रवि का कहना है कि वह जल्द ही इस फ्लाइंग व्हीकल को बनाने की पूरी प्रक्रिया और तकनीक से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करेंगे। फिलहाल वह अपने प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण को भविष्य की उड़ान की पहली उपलब्धि मान रहे हैं। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि और नियामकीय स्वीकृतियां अभी शेष हैं।






