एफएनएन, लखनऊ : समाजवादी पार्टी से गठबंधन टूटने के बाद शुक्रवार को अपना दल कमेरावादी की नेता व विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए हमारे साथ वही कर रहा जो उसने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ किया था।
पल्लवी पटेल ने कहा कि हमने तीन लोकसभा सीट फूलपुर, कौशांबी व मीरजापुर गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा के बाद घोषित की थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन खत्म होने की बात कही, उसका स्वागत है। कांग्रेस तय करें कि अपना दल कमेरावादी आईएनडीआईए गठबंधन में है या नहीं। विधायक पल्लवी पटेल ने कहा कि एनडीए से ऑफर आया तो हम विचार करेंगे, हमें राजनीति करनी है।
हमने तीन सीटें मांगी थी
पल्लवी ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा ये सपा की जिम्मेदारी है कि प्रदेश में गठबंधन किस ओर जा रहा है, जब कांग्रेस की सीटें तय हो गईं तो हमारी क्यों नहीं हुई? हमें आईएनडीआईए गठबंधन की हर बैठक में बुलाया गया। हमने तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर सपा व कांग्रेस को भेज दिया था। सपा अध्यक्ष ने हमसे बात करने के बजाय सीधे मीरजापुर सीट का प्रत्याशी घोषित कर दिया।
मेरी शुभकामनाएं अखिलेश के साथ
पल्लवी ने गठबंधन टूटने को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया का स्वागत किया है। उन्होंने कहा हमारी शुभकामनाएं अखिलेश यादव के साथ हैं। दरअसल, अखिलेश ने गुरुवार को कहा था कि अपना दल कमेरावादी से 2022 में गठबंधन था 2024 में गठबंधन नहीं है।
मैं सपा की नहीं अपना दल की विधायक हूं
पल्लवी ने कहा अब कांग्रेस को तय करना है कि उनको पिछड़े नेताओं की जरूरत है कि नहीं है। मैं कहीं से भी सपा की विधायक नहीं हूं, उनके चुनाव चिन्ह पर लड़ी जरूर, लेकिन विधायक अपना दल की हूं। मेरी सदस्यता लेने व छीनने के सारे अधिकार सपा के पास हैं।
पीडीए किसी की जेब का एजेंडा नहीं
पल्लवी पटेल ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) किसी की जेब का एजेंडा नहीं है। पीडीए एक बड़ा मिशन है। विधानसभा चुनाव में ओम प्रकाश राजभर, जयन्त चौधरी, दारा सिंह चौहान, संजय चौहान, स्वामी प्रसाद मौर्य, अपना दल कमेरावादी सभी लोग सपा के साथ थे इसलिए उन्हें इतने अधिक वोट मिले। अखिलेश यादव भ्रम में हैं, पीडीए के सारे वोट उनके नहीं हैं।









