एफएनएन, अल्मोड़ा/पिथौरागढ़/बागेश्वर/नैनीताल : Kumaon Heavy Rain उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर सड़कों पर आने के कारण अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों में 100 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कें बंद होने से कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय और दूसरे क्षेत्रों से प्रभावित हुआ है।
अल्मोड़ा में 23 सड़कें बंद
अल्मोड़ा जिले में लगातार बारिश के कारण हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। पहाड़ियों के दरकने से राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे, जिला मार्ग और ग्रामीण मोटर मार्गों पर मलबा जमा हो गया है। जिले में कुल 23 सड़कें यातायात के लिए बंद बताई गई हैं।
लोनिवि और आपदा प्रबंधन की टीमें जेसीबी की मदद से सड़कों पर आए मलबे और बोल्डर को हटाने में जुटी हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से दोबारा मलबा आने का खतरा बना हुआ है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे भी प्रभावित
कुमाऊं के पर्वतीय जिलों की लाइफलाइन माने जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद कुछ समय के लिए खोला गया था। लेकिन पहाड़ी से दोबारा भारी मलबा आने के कारण मार्ग फिर से बंद हो गया। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल के मुताबिक, बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी और टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
मरीजों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
सड़क संपर्क बाधित होने का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ रहा है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार पर निर्भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में जरूरी सामान की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है।
लगातार बारिश के कारण अल्मोड़ा के बाजारों में भी रौनक कम हो गई है। खराब मौसम और सड़कों के बंद होने के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। शाम होते-होते कई बाजारों में सन्नाटा नजर आ रहा है।
आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। 2 सितंबर को अल्मोड़ा जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
इन जिलों में भी हालात खराब
बारिश और भूस्खलन से कुमाऊं के अन्य पर्वतीय जिले भी प्रभावित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बागेश्वर में 13, पिथौरागढ़ में 24, नैनीताल में 47 और चंपावत में 4 सड़कें बंद हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी रास्तों, नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।








