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उत्तराखंड : तीन विधायकों की बयानबाजी पर भाजपा संगठन सख्त, इस संबंध में साक्ष्य जुटाने किए शुरू

एफएनएन, देहरादून : विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को मतदान संपन्न होने के बाद तीन विधायकों की बयानबाजी से असहज हुई प्रदेश भाजपा ने अब इस संबंध में साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। फिर विधायकों से पूछा जाएगा कि उन्होंने ये बयान किन परिस्थितियों में दिए। तथ्यों व साक्ष्यों की पड़ताल करने के बाद प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार इन विधायकों को तलब करेंगे। प्रदेश भाजपा इन प्रकरणों का संज्ञान लेकर पहले ही पार्टी हाईकमान को अवगत करा चुकी है। उधर, पार्टी की ओर से अपने सभी विधायकों व प्रत्याशियों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि कोई विषय है तो वे इसे पार्टी फोरम में रखें। सार्वजनिक रूप से किसी प्रकार की बयानबाजी न करें।

प्रदेश भाजपा को सोमवार शाम मतदान के बाद उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब विधायक एवं लक्सर सीट से पार्टी प्रत्याशी संजय गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह तक कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें हराने के लिए कार्य किया। विधायक गुप्ता का इससे संबंधित वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस प्रकरण की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि मंगलवार को चम्पावत से विधायक व पार्टी प्रत्याशी कैलाश गहतोड़ी और काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयानों ने पार्टी को फिर असहज कर दिया। गहतोड़ी और चीमा का आरोप है कि कुछ कार्यकर्त्‍ताओं ने चुनाव में भितरघात किया।

अब पार्टी ने तीनों विधायकों के बयानों से संबंधित आडियो-वीडियो और अखबारों में प्रकाशित खबरों को जुटाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार इस बारे में संबंधित क्षेत्रों के कार्यकर्त्‍ताओं से भी जानकारी ली जा रही है। तथ्यों व साक्ष्यों की पड़ताल और विधायकों से पूछताछ के बाद प्रदेश महामंत्री संगठन इस बारे में केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भेजेंगे।

उधर, इस बारे में संपर्क करने पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने कहा कि तीनों प्रकरणों को लेकर पार्टी गंभीर है। अनुशासनहीनता को किसी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह उसे पार्टी फोरम में रख सकता है। पार्टी से बाहर कोई विषय रखा जाता है तो यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा।

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