Friday, February 20, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तर प्रदेशमुख्तार की मौत की होगी न्यायिक जांच, बेटे की पेरोल के लिए...

मुख्तार की मौत की होगी न्यायिक जांच, बेटे की पेरोल के लिए कोर्ट पहुंचा परिवार

एफएनएन, बांदा : बांदा जेल में बंद  पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक (कार्डिया अरेस्ट) से मौत हो गई। मुख्तार की मौत के बाद पूरे यूपी में अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश

माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि बांदा जेल में दोपहर के खाने में जहर दिया गया। शासन प्रशासन उसकी हत्या कराना चाहता था। जिसके बाद अब मुख्तार अंसारी की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM

इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा मुख्तार का परिवार

कासगंज जेल में बंद बाहुबली विधायक अब्बास की पत्नी निकहत ने ससुर मुख्तार की मौत से एक दिन पहले अपने पति से मुलाकात की थी। करीब तीस मिनट तक दोनों की बात हुई। उधर जब मुख्तार की मौत की खबर मिली तो उनका पूरा परिवार अब्बास की पैरोल के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है।

बांदा मेडिकल कॉलेज में माफिया मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमार्टम शुरू

‘उन्होंने कई बार बताया कि उन्हें धीमे-धीमे जहर दिया जा रहा है’

दिल्ली: गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर CPI(M) नेता बृंदा करात ने कहा, उनकी(मुख्तार अंसारी) मौत हिरासत में हुई है और मौत होने से पहले उन्होंने कई बार बताया कि उन्हें धीमे-धीमे जहर दिया जा रहा है। निश्चित तौर पर ये बहुत संदिग्ध परिस्थिति है जिसमें उनकी मृत्यु हुई। कोई अगर डॉन है और उसके खिलाफ बहुत सारे मामले दर्ज हैं तो न्याय की प्रक्रिया के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, बार-बार बीमार हो रहे थे, बार-बार कह रहे थे कि धीमा जहर दिया जा रहा है लेकिन इसमें कोई जांच नहीं की गई।

WhatsAppImage2024-02-11at73136PM
WhatsAppImage2024-02-11at73136PM
previous arrow
next arrow
Shadow

‘मुख्तार अंसारी एक आपराधिक प्रवृत्ति के नेता थे’

गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत पर JDU नेता के.सी. त्यागी ने कहा कि मुख्तार अंसारी एक आपराधिक प्रवृत्ति के नेता थे। दुर्भाग्य से वे लोकसभा और विधानसभा के भी सदस्य रह चुके थे। उनकी मृत्यु ने पूर्वांचल की राजनीति में काफी उथल-पुथल की है। सपा को इसे अपनी पार्टी की प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाना चाहिए नहीं तो चुनाव में समाजवादी पार्टी को भारी नुकसान होगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments