Tag: their pending liabilities

“रबड़ फैक्ट्री की जमीन पर ‘इंडस्ट्रियल हब’ हमेशा से ही रहा है मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट” 

रबड़ फैक्ट्री की पंजीकृत श्रमिक यूनियनों की आवाज कोर्ट और उप श्रमायुक्त न्यायालय से लगातार उनके हक में फैसले आने के बावजूद तत्कालीन राज्य सरकारों की घनघोर उपेक्षापूर्ण नीति के चलते नक्कारखाने में तुरही की महीन आवाज की तरह लगातार गुम होती रही। डीसी के दावे पर यकीन करें तो विधानसभा और प्रदेश तथा केंद्र सरकार के समक्ष जब भी उन्हें मौके मिले, पूरी बेबाकी और बुलंद अंदाज में इस मुद्दे को असरदार ढंग से उछालते ही रहे।