अदालत का कहना है कि तत्कालीन विभागीय अधिकारियों ने बीएड की डिग्री का सत्यापन किए बिना दोषियों को नौकरी दी है। वर्ष 2005 से 2009 के बीच चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त कर महेंद्र सिंह, मोहन लाल और जगदीश लाल को अलग-अलग वर्षों में शिक्षा विभाग में प्राथमिक सहायक शिक्षक की नौकरी मिली। शिक्षा विभाग ने एसआईटी से जांच कराई, जिसमें उक्त तीन शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। दिल्ली एनसीआर में कार चालकों से चोरी और लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुके ठकठक गैंग ने अब बरेली शहर में भी दस्तक दे दी है। ठकठक गैंग के लुटेरों ने पीलीभीत बाईपास ओवरब्रिज तिराहे पर कार सवार सरकारी डॉक्टर का ध्यान भटकाकर उनका मोबाइल छीन लिया। पीड़ित डॉक्टर ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।