निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि थारपारकार नस्ल को बढ़ाने के लिए ब्रीडिंग कार्यक्रम चलाये जायेंगे तथा ब्रीडिंग क्षेत्र को चयनित किया जायेगा। आईवीआरआई के फार्म में थारपारकार गायों की संख्या को बढ़ाया भी जायेगा। साथ ही थारपारकर गायों के वीर्य का अनुरक्षण भी किया जायेगा। संस्थान में थारपारकर गायों के सीमेन की 5 हजार डोज जर्म प्लाज्म केन्द्र में तैयार की जायेगी।