मुक्त चिंतन में परिषद् के कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे सभी कार्यकर्ताओं की समस्त जिज्ञासाओं को भी शांत किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रांतीय महासचिव राहुल यदुवंशी ने आगामी माह में वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, बाल संस्कार शिविर, परिषद् का स्थापना दिवस मनाने, सेवा हेतु असेवित बस्तियों का चयन करने, महिला सशक्तिकरण हेतु आवश्यक कदम उठाने और सदस्य संख्या प्रत्येक शाखावार पूर्ण करने का आवाहन सभी शाखाओं के दायित्वधारियों से किया।
एस एंड सी कर्मचारी यूनियन की मांग पर नवागत जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने रबड़ फैक्ट्री और उसके सभी 1432 विस्थापित कर्मचारियों के विधिक देयों के भुगतान के मुद्दे को लखनऊ में प्रस्तावित बैठक में पूरी तत्परता से रखने और शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया है।
मुख्य अतिथि राजनारायण ने एकाग्रता को सिविल सेवकों का सर्वप्रमुख गुण बताया। उन्होंने कहा कि समाज के जागरूक नागरिकों को प्रशासन को जनोपयोगी और भ्रष्टाचार निरोधक बनाने के लिए सवाल उठाते रहना चाहिए। समाज के सिविल सेवकों को समय-समय पर सम्मानित करते रहने की अपेक्षा भी की।
एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के श्रमिक नेताओं ने रबड़ फैक्ट्री के विस्थापित श्रमिकों को तत्काल अंतरिम राहत देने के लिए हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई रबड़ फैक्ट्री की भूमि की राजकीय कोषागार में जमा राशि से बकाया देयों का भुगतान कराने का आग्रह किया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में कक्षा पांच की बालिकाओं की नृत्य-अभिनय प्रस्तुति 'जय जय हे महिषासुर मर्दिनी' विशेष रूप से सराही गई। कक्षा 3-4 के बच्चों ने तेरी मिट्टी में मिल जावां-अभिनय गीत की कलात्मक, सधी हुई देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुति से प्राण देकर भी राष्ट्ररक्षा का संदेश दिया। कक्षा 1-2 के छोटे-छोटे बच्चों ने स्कूल चलें हम-अभिनय गीत की शानदार प्रस्तुति से ग्रामवासियों को अपने सभी बच्चों को अगले सत्र में स्कूल अवश्य भेजने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि दिल्ली से आए आमंत्रित चर्चित मंचीय कवि मोहन मुंतज़िर ने अपनी इस भावपूर्ण ग़ज़ल से कवि सम्मेलन को ऊंचाइयों पर पहुंचाया और हर शेर पर खूब तालियां और वाहवाही भी बटोरीं-
जब भी तूफानों से बचकर निकला हूं,
देखा है लहरों पर मैंने मां लिक्खा
कल ख्वाबों में देखी जन्नत तो देखा,
सातों आकाशों के ऊपर देखा मां लिक्खा।
शेर मेरे बतियाने लगे हैं ग़ालिब से,
जिस दिन से मैंने कागज पर मां लिक्खा।
एक अनाथ अमीर ने अन्तिम सांसों से
जाते-जाते दीवारों पर मां लिक्खा।
जिला बरेली के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने बरेली में एम्स एवं मेट्रो रेल लाने के विषय में पुरजोर पैरवी की बात कही। पत्रकार वार्ता में जब उनसे बरेली में सरकारी मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज, एम्स मेट्रो रेल आदि के लंबित मांग पर पूछा गया तो प्रभारी मंत्री जे पी एस राठौर ने कहा कि वह बरेली के सांसद छत्रपाल गंगवार के साथ मिलकर व्यापक जनहित से जुड़े इन प्रमुख मुद्दों की भी केंद्र और प्रदेश सरकार के समक्ष पुरजोर पैरवी करेंगे।
मुख्य प्रवाचक प्रमोद मिश्रा ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन ही ब्रह्मा जी के कहने पर सरस्वती ने अपनी वीणा की ध्वनि से प्रकृति और प्राणियों को संगीत एवं वाणी की शक्ति प्रदान की। अनेक श्लोकों के माध्यम से उन्होंने समझाया कि वसंत पंचमी उल्लास-उमंग का उत्सव है जो हर मानव में विद्या और बुद्धि का संचार करता है।
कमलकांत को यह प्रतिष्ठित सारस्वत सम्मान नेहरू युवा केन्द्र और पूर्वांचल मानस मण्डल मुम्बई के तत्वावधान में मुम्बई विश्वविद्यालय, मुम्बई के कविवर्य कुसुमाग्रज सभागृह, सांताक्रुज़ में बसन्तोत्सव- 2025 विराट कवि सम्मेलन में प्रदान किया गया। प्रधानमन्त्री आत्मनिर्भर भारत अभियान के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पाल व , उत्तर भारत संघ के महामन्त्री देवेन्द्र तिवारी और अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इन सबको सम्मान स्वरूप हार, शॉल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह समारोह की मुख्य अतिथि अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन श्रीमती श्रुति गंगवार, कार्यक्रम अध्यक्ष कवि राजेश गौड़, विशिष्ट अतिथि रमेश गौतम, डॉ.सुरेश बाबू मिश्रा और क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने प्रदान किए। रमेश गौतम ने निराला पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए उन्हें महान क्रांतिकारी कवि बताया।
आम बजट 2025 मध्यम वर्गीय लोगों को टैक्स के भारी-भरकम बोझ से उबारकर देश को तीव्र और सर्वांगीण तथा बहुआयामी आर्थिक विकास की दिशा में सरपट दौ़ड़ाने की सर्वथा न्यायोचित और व्यावहारिक कार्ययोजना पर केंद्रित है।
छात्रा पायल गुप्ता का प्रस्तुतिकरण सभी पांच छात्राओं के मध्य सर्वाधिक अंक पाकर सर्वश्रेष्ठ रहा। अन्य छात्राओं में अनमता हुसैन, श्रद्धा कश्यप, नैना वैश्य और श्रद्धा रस्तोगी थीं। पांचों छात्राओं को शब्दांगन के महामंत्री इंद्रदेव त्रिवेदी, प्रधानाचार्य नुसरत खानम और निर्णायक रामकुमार भारद्वाज अफरोज ने सुनहरी माला, प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न और मेडल भेंटकर सम्मानित किया।