एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग का मूल निवासी और मौजूदा समय में देहरादून के पटेल नगर में रहने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी करनदीप राणा रहस्यमयी तरीके से 20 सितंबर से लापता हैं. करनदीप जिस जहाज पर सवार होकर सिंगापुर से चीन की ओर जा रहे थे, उसी जहाज से अचानक वे लापता हो गए. अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है. परेशान परिवार ने सरकार से हस्तक्षेप कर बेटे को तलाश करने की गुहार लगाई है.
परिवार को इस घटना की जानकारी 20 सितंबर को उस समय मिली जब कंपनी के मैनेजर ने घर पर फोन कर सूचना दी कि करनदीप जहाज से लापता हो गए हैं. मैनेजर के मुताबिक, उनकी तलाश के दौरान केवल एक जूता और कैमरा ही जहाज पर मिला. इस सूचना के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है. मां और बहन सिमरन राणा का रो-रोकर बुरा हाल है.
करनदीप की बहन सिमरन ने बताया कि उनका भाई न सिर्फ होनहार था, बल्कि पढ़ाई और कामकाज में भी हमेशा बेहतर प्रदर्शन करता रहा है. करनदीप ने समुद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मैरिटाइम स्टडीज से पढ़ाई की थी और वहां अपने पूरे बैच में टॉपर रहा. ऐसे में अचानक उसका लापता हो जाना बेहद संदिग्ध है. परिवार को संदेह है कि जहाज की कंपनी से जुड़े लोगों ने ही करनदीप को बंधक बनाया हो या फिर उन्हें किसी तरह हिरासत में रखा गया हो.
सिमरन के अनुसार, कंपनी ने बताया है कि करनदीप की खोजबीन के लिए 90 घंटे से अधिक का सर्च ऑपरेशन चलाया गया. बावजूद इसके उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब करनदीप गायब हुए, तब जहाज समुद्र से लगभग 200 मीटर की दूरी पर था. ऐसे में अचानक उनका लापता हो जाना कई सवाल खड़े करता है. आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि बिना किसी पूर्व संकेत या जानकारी के एक प्रशिक्षित अधिकारी जहाज से अचानक गायब हो जाए ?
परिवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी देहरादून को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. उनका कहना है कि सरकार को तुरंत विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर सच्चाई सामने लानी चाहिए. करनदीप की मां और बहन का कहना है कि जब तक उनका बेटा सुरक्षित घर नहीं लौट आता तब तक वे चैन की सांस नहीं ले पाएंगी. उत्तराखंड के इस युवा का लापता होना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है.





