एफएनएन, मसूरी: शहर के माल रोड पर प्रतिबंधित समय में वाहनों के प्रवेश को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. नगर पालिका परिषद द्वारा पिक्चर पैलेस और लाइब्रेरी बैरियर से राजीव जैन, आईआरएस, उपनिदेशक प्रवर्तन निदेशालय (वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, देहरादून) के नाम पर कुछ वाहनों को शासकीय कार्य हेतु विशेष अनुमति दी गई थी. लेकिन अब इस अनुमति की आड़ में पर्यटकों के अवैध परिवहन और टैक्सी संचालन का आरोप लग रहा है.
मसूरी माल रोड में ‘टैक्सी एंट्री स्कैम’: बताया जा रहा है कि यह अनुमति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दी गई है, जिसमें वाहन संख्या डीएल1सीए 9541, डीएल3सीएफ9793 और डीएल2 सीबीई 5553 शामिल हैं. इन वाहनों को प्रतिबंधित समय में माल रोड पर प्रवेश की अनुमति दी गई. लेकिन स्थानीय किंग क्रेग टैक्सी एसोसिएशन का आरोप है कि इनका उपयोग शासकीय कार्यों के बजाय क्लब महिंद्रा के पास स्थित एक होमस्टे से पर्यटकों को लाने-ले जाने में किया जा रहा है.
टैक्सी एसोसिएशन ने पकड़ी इनोवा, खुली पोल: किंग क्रेग टैक्सी एसोसिएशन मसूरी द्वारा एक दिल्ली नंबर की इनोवा कार को पकड़ा गया. पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि वह होमस्टे में ठहरे पर्यटकों को माल रोड तक लाने-ले जाने का काम करता है. एसोसिएशन अध्यक्ष सुमित कुमार ने आरोप लगाया कि-

पकड़ी गई इनोवा कार दिल्ली में पंजीकृत है. उसका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका है. वहीं इसी तरह की दो अन्य कारों का भी रजिस्ट्रेशन संभवतः खत्म हो चुका है, बावजूद इसके वे उत्तराखंड में धड़ल्ले से संचालित की जा रही हैं.
-सुमित कुमार, अध्यक्ष, किं क्रेग टैक्सी एसोसिएशन-
रसूख के आगे नतमस्तक पुलिस? सुमित कुमार ने कहा कि जब यह मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया, तो पुलिस ने केवल पॉल्यूशन का चालान काटकर वाहन को छोड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे साफ होता है कि रसूखदार लोगों के आगे पुलिस भी नतमस्तक हो चुकी है.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन वाहनों के कागजातों की जांच कर माल रोड के प्रवेश पास निरस्त नहीं किए गए, तो टैक्सी यूनियन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी.
होमस्टे से चल रहा है अवैध संचालन: टैक्सी एसोसिएशन के अनुसार, क्लब महिंद्रा के पास स्थित एक होमस्टे का संचालन किया जा रहा है. वहां से इन वाहनों के जरिए पर्यटकों को माल रोड तक लाया-ले जाया जाता है. इससे स्थानीय टैक्सी संचालकों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
चालक ने दी सफाई: इनोवा चालक गौरव सिंह रावत ने बताया कि- मैं क्लब महिंद्रा के पास स्थित एक होमस्टे में कार्यरत हूं. होमस्टे के मालिक द्वारा मुझे यह वाहन दिया गया है. मैं केवल होमस्टे में ठहरे पर्यटकों को माल रोड और विशेष परिस्थितियों में पेट्रोल पंप तक लाने-ले जाने का कार्य करता हूं. मेरे पास नगर पालिका द्वारा जारी वैध प्रवेश पास है, जिसे दिखाकर मैं प्रतिबंधित समय में माल रोड पर प्रवेश करता हूं. -गौरव सिंह, इनोवा चालक-
प्रशासन ने शुरू की जांच: मामले को लेकर मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि- पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. वहीं नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में पहली बार आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस शख्स का होमस्टे बताया जा रहा है उनके नाम पर जारी सभी प्रवेश पासों की जांच कराई जाएगी. यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो प्रवेश पास तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएंगे.
सवालों के घेरे में नगर पालिका की भूमिका: इस पूरे प्रकरण ने नगर पालिका परिषद की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. शासकीय कार्य के नाम पर दी गई अनुमति का यदि व्यावसायिक दुरुपयोग हो रहा है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्थानीय टैक्सी व्यवसायियों के साथ अन्याय भी है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है, या रसूख के आगे नियम एक बार फिर बौने साबित होते हैं.






